दिल्ली सरकार का बड़ा डिजिटल कदम: SBI के साथ MoU, अब ई-टेंडरिंग होगी पूरी तरह पेपरलेस और पारदर्शी

दिल्ली सरकार का बड़ा डिजिटल कदम: SBI के साथ MoU, अब ई-टेंडरिंग होगी पूरी तरह पेपरलेस और पारदर्शी

दिल्ली सरकार ने सरकारी खरीद प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी व सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत दिल्ली ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल से आम नागरिक, ठेकेदार और व्यवसायी सभी को फायदा होने वाला है। अब टेंडर भरने की प्रक्रिया मैनुअल से निकलकर पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी, जिससे समय की बचत होगी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होगी।

यह बदलाव उन लाखों लोगों के लिए राहत भरा है जो सरकारी टेंडरों में हिस्सा लेते हैं। पहले जहां भुगतान के लिए बैंक चक्कर लगाने पड़ते थे, अब सब कुछ ऑनलाइन हो सकेगा।

ई-पे प्लेटफॉर्म और एकीकृत भुगतान व्यवस्था

नए समझौते के तहत ‘ई-पे’ नाम से एक व्यापक डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म शुरू किया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर एकीकृत होगा। इससे सरकारी खरीद से जुड़े सभी भुगतान आसानी से हो सकेंगे। साथ ही बेहतर मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (MIS) भी उपलब्ध होगा, जिससे हर लेन-देन की निगरानी आसान हो जाएगी।

वर्तमान में टेंडर प्रक्रिया में भुगतान मुख्य रूप से मैनुअल तरीके से होता है, जो समय लेने वाला और जटिल है। नए सिस्टम के लागू होने के बाद पूरी प्रक्रिया डिजिटाइज्ड हो जाएगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही तय होगी।

अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) की डिजिटल क्रांति

इस पहल के तहत ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल में अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) की सुविधा भी पूरी तरह डिजिटल कर दी गई है। अब बोली लगाने वाले लोगों को फिजिकल डिमांड ड्राफ्ट जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भुगतान और सत्यापन रियल-टाइम में होगा, जिससे मैनुअल हस्तक्षेप लगभग खत्म हो जाएगा।

यह बदलाव ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम है। छोटे व्यापारी और स्टार्टअप्स अब बिना किसी परेशानी के टेंडर प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।

मंत्री और मुख्यमंत्री का विजन

दिल्ली के आईटी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल सरकार के डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने और प्रशासनिक सुधारों को नई दिशा देने की सोच के अनुरूप है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार नवाचार के जरिए कार्यकुशलता, पारदर्शिता और बेहतर सेवा वितरण पर लगातार काम कर रही है।

MoU पर DeGS के निदेशक और एसबीआई के उप महाप्रबंधक ने हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी से ई-टेंडरिंग प्रक्रिया न सिर्फ तेज होगी बल्कि पूरी तरह सुरक्षित और पेपरलेस भी बनेगी।

आम आदमी के नजरिए से देखें तो यह पहल भ्रष्टाचार मुक्त और तेज प्रशासन की ओर बढ़ता कदम है। जब सरकारी कामकाज आसान होगा तो विकास कार्यों में तेजी आएगी और करदाताओं का पैसा बेहतर तरीके से उपयोग होगा। दिल्ली सरकार की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकती है।