धुरंधर की फिर धूम! ओटीटी पर रिलीज होते ही ग्लोबल टॉप-10 में पहुंची, बनेगी एवरग्रीन क्लासिक?

धुरंधर की फिर धूम! ओटीटी पर रिलीज होते ही ग्लोबल टॉप-10 में पहुंची, बनेगी एवरग्रीन क्लासिक?

रणवीर सिंह, संजय दत्त और आर माधवन starrer फिल्म धुरंधर: द रिवेंज थिएटर में रिलीज हुए 61 दिन बीतने के बाद भी सुर्खियों से बाहर नहीं हो रही है। अब यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए उपलब्ध हो गई है और ओटीटी पर धमाल मचा रही है। Flix Patrol की रैंकिंग में कई देशों के ग्लोबल टॉप टेन में शामिल होने के साथ ही सोशल मीडिया पर इसका क्रेज़ एक बार फिर बढ़ गया है।

भारतीय दर्शक 4 जून से इसे जियो हॉटस्टार पर देख सकेंगे। फिल्म की यह रणनीति सामान्य से अलग है और साफ तौर पर दिखाती है कि मेकर्स इसे लंबे समय तक चर्चा में बनाए रखना चाहते हैं। आम दर्शक के लिए यह मायने रखता है क्योंकि अच्छी फिल्में अब सिर्फ सिनेमाघरों तक सीमित नहीं रहतीं। वे ओटीटी पर आकर घर बैठे परिवार के साथ दोबारा देखने का मौका देती हैं और सालों तक याद रहती हैं।

भारी भरकम कलेक्शन और लगातार चर्चा

धुरंधर: द रिवेंज ने थिएटर में जबरदस्त परफॉर्मेंस दी। भारत में करीब 1,400 करोड़ और वर्ल्डवाइड लगभग 1,800 करोड़ का कलेक्शन इसकी लोकप्रियता का सबूत है। रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन जैसे कलाकारों की ताकतवर भूमिकाओं ने दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रखा।

डायरेक्टर-राइटर आदित्य धर ने कहानी, क्राफ्ट और मार्केटिंग पर बराबर ध्यान दिया। फिल्म के पहले भाग ने भी दिसंबर 2025 में रिलीज होते ही 840 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था। दोनों पार्ट्स ने मिलकर बॉक्स ऑफिस पर लंबे समय तक दर्शकों का हुजूम खींचा। पाकिस्तान, गैंगवार, खुफिया एजेंसियां और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी कहानी ने जनमानस में गहरी छाप छोड़ी।

शेल्फ लाईफ की अनोखी रणनीति, ओटीटी पर भी स्मार्ट प्लान

फिल्म थिएटर से उतरने के बाद दर्शक इसे भूलने लगे थे, लेकिन मेकर्स ने ओटीटी रिलीज की चतुराई भरी रणनीति अपनाई। पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में नेटफ्लिक्स पर रिलीज कर वैश्विक ध्यान खींचा गया। बीस दिन बाद भारतीय दर्शकों के लिए जियो हॉटस्टार पर उपलब्ध होगी।

यह रणनीति आम हिंदी फिल्मों से अलग है। इसके अलावा, फिल्म के बिहाइंड द सीन को भी अलग से फिल्म की तरह रिलीज करने की तैयारी है। इससे धुरंधर की चर्चा अगले कई महीनों तक बनी रहने की उम्मीद है। आदित्य धर की टीम ने शेल्फ लाइफ को बढ़ाने के हर पहलू पर काम किया है — ट्रेलर से लेकर मार्केटिंग और अब ओटीटी स्टेजिंग तक।

क्या धुरंधर बनेगी नई एवरग्रीन ब्लॉकबस्टर?

फिल्मों की शेल्फ लाइफ तय करने वाले कई फैक्टर होते हैं — कहानी की गहराई, गीत-संगीत, अभिनय, सामाजिक संदेश और समय के साथ प्रासंगिकता। शोले, मदर इंडिया, मुगले आजम जैसी फिल्में आज भी बार-बार देखी जाती हैं क्योंकि उनमें जीवन के स्थायी मूल्य हैं।

धुरंधर को कई दिग्गजों ने शोले जैसी बदले की कहानी वाला क्लासिक बताया है। अब सवाल यह है कि क्या यह फिल्म भी आने वाले सालों तक दर्शकों के दिल में जगह बनाए रख पाएगी। थिएटर, ओटीटी और बिहाइंड द सीन के बाद अगर दर्शक इसे दोबारा देखना चाहेंगे तो समझा जा सकता है कि यह नई पीढ़ी की एवरग्रीन फिल्म बन गई है।

आम दर्शक के नजरिए से ऐसी फिल्में मनोरंजन के साथ-साथ यादों को भी तरोताजा रखती हैं। धुरंधर की सफलता यह भी दिखाती है कि अच्छी कहानी और स्मार्ट रणनीति के साथ आज की फिल्में लंबे समय तक जीवित रह सकती हैं।