‘मेरे पास सिर्फ 5 मिनट हैं…’ पीएम मोदी के सामने डीके शिवकुमार ने छोटा किया भाषण, फिर कर्नाटक को लेकर रखी बड़ी मांग

‘मेरे पास सिर्फ 5 मिनट हैं…’ पीएम मोदी के सामने डीके शिवकुमार ने छोटा किया भाषण, फिर कर्नाटक को लेकर रखी बड़ी मांग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर्नाटक दौरे के दौरान मैसूरु में एक ऐसा पल देखने को मिला, जिसने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मंच पर मौजूद कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने जैसे ही अपना संबोधन शुरू किया, उन्होंने साफ कहा कि उनके पास बोलने के लिए केवल पांच मिनट हैं। इसलिए वह ज्यादा समय नहीं लेंगे, क्योंकि प्रधानमंत्री का संदेश देश के लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसके बाद उन्होंने संक्षिप्त भाषण में न सिर्फ प्रधानमंत्री का स्वागत किया, बल्कि कर्नाटक के विकास को लेकर केंद्र सरकार से सहयोग की अपील भी की।

मैसूरु में आयोजित यह कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेक स्मारक) के उद्घाटन का था। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार एक ही मंच पर मौजूद थे। कार्यक्रम धार्मिक, सांस्कृतिक और विकास के संदेश के साथ आगे बढ़ा, लेकिन मुख्यमंत्री की छोटी और सधी हुई टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई।

‘प्रधानमंत्री का संदेश ज्यादा अहम’, इसलिए छोटा किया भाषण

अपने संबोधन की शुरुआत में डीके शिवकुमार ने कहा कि उनके पास कहने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन समय की सीमा केवल पांच मिनट की है। उन्होंने कहा कि वह अपना भाषण लंबा नहीं करेंगे, क्योंकि प्रधानमंत्री का संदेश पूरे देश के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य मंच का समय बढ़ाना नहीं, बल्कि राज्य की प्राथमिकताओं को संक्षेप में प्रधानमंत्री तक पहुंचाना है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कर्नाटक के विकास की गति को और तेज करें। उनका कहना था कि सहयोग की भावना से काम करने पर राज्य ही नहीं, पूरे देश को इसका लाभ मिलेगा।

कर्नाटक की तरक्की को बताया भारत की प्रगति का आधार

डीके शिवकुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आज कर्नाटक देश की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का अहम केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में कर्नाटक की भूमिका लगातार मजबूत हुई है और बेंगलुरु आज दुनिया के सामने भारत की नई पहचान बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, वैश्विक निवेश, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में बेंगलुरु की मौजूदगी ने भारत की छवि को नई मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई उद्योग, निवेशक और तकनीकी संस्थान भारत को सबसे पहले कर्नाटक के माध्यम से देखते हैं। ऐसे में राज्य के बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार का सहयोग बेहद जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि पूरा कर्नाटक प्रधानमंत्री के साथ मिलकर काम करना चाहता है और राज्य सरकार विकास के हर प्रयास में केंद्र के साथ समन्वय बनाए रखने के लिए तैयार है।

अटल बिहारी वाजपेयी को याद कर सुनाया पुराना प्रसंग

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया। उन्होंने बताया कि जब बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की आधारशिला रखी जा रही थी, तब वाजपेयी ने कहा था कि दुनिया के कई बड़े नेता पहले बेंगलुरु और कर्नाटक आते हैं, उसके बाद दिल्ली पहुंचते हैं।

डीके शिवकुमार ने कहा कि यह केवल एक टिप्पणी नहीं थी, बल्कि कर्नाटक की बढ़ती वैश्विक पहचान का संकेत था। उनका मानना है कि आज भी बेंगलुरु भारत की तकनीकी ताकत और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का महत्वपूर्ण चेहरा बना हुआ है।

स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को समर्पित है नया केंद्र

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र का उद्घाटन था। यह केंद्र स्वामी विवेकानंद के जीवन, उनके विचारों और राष्ट्र निर्माण के संदेश को समर्पित है। इसे वर्ष 1892 में स्वामी विवेकानंद की मैसूरु यात्रा की स्मृति में विकसित किया गया है।

उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विवेक स्मारक का अवलोकन किया, प्रार्थना की और परिसर में पौधारोपण भी किया। इसके बाद उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन और योगदान पर आधारित एक लघु फिल्म देखी। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी देश के युवाओं को राष्ट्र सेवा, समाज निर्माण और सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करते हैं।

मैसूरु का यह कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक केंद्र के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा। इस मंच से विकास, सहयोग और युवाओं की भूमिका जैसे कई महत्वपूर्ण संदेश सामने आए। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का संक्षिप्त लेकिन स्पष्ट संबोधन और प्रधानमंत्री मोदी का स्वामी विवेकानंद के विचारों पर जोर, दोनों ने इस आयोजन को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बना दिया।