अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर BJP का बड़ा हमला, हरीश द्विवेदी बोले- ‘खुद ही कन्फ्यूज हैं सपा प्रमुख’

अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर BJP का बड़ा हमला, हरीश द्विवेदी बोले- ‘खुद ही कन्फ्यूज हैं सपा प्रमुख’

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। समाजवादी पार्टी के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण को लेकर अब बीजेपी के नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव हरीश द्विवेदी ने अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा है। लखनऊ में रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव खुद इस बात को लेकर स्पष्ट नहीं हैं कि PDA का मतलब क्या है। इसके साथ ही उन्होंने सपा की परिवारवादी राजनीति और 2012 से 2017 के बीच की सरकार के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए।

हरीश द्विवेदी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब बीजेपी उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को मजबूत करने और आने वाली राजनीतिक चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करने में जुटी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी मौजूद रहे।

नई जिम्मेदारी के बाद हरीश द्विवेदी का पहला बड़ा संदेश

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी मिली है। लखनऊ में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने संगठन को मजबूत करने की प्राथमिकता रखी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला है और यह राज्य के लिए सम्मान की बात है।

द्विवेदी ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता आने वाली राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार हैं। संगठन के विस्तार और मजबूती पर लगातार काम किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करने की अपील भी की।

उनका कहना था कि देश में कुछ ऐसे तत्व हैं जो भारत को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते और देश के खिलाफ साजिशें की जा रही हैं। ऐसे माहौल में बीजेपी कार्यकर्ताओं की एकजुटता को उन्होंने जरूरी बताया।

सपा और अखिलेश पर सीधा वार, परिवारवाद का मुद्दा उठाया

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरीश द्विवेदी ने समाजवादी पार्टी के पुराने कार्यकाल को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता 2012 से 2017 के बीच की सपा सरकार देख चुकी है और उसे पता है कि उस दौरान अलग-अलग सामाजिक वर्गों के लिए क्या काम हुआ।

इसके बाद उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल उठाते हुए सपा को परिवारवाद से जुड़ी पार्टी बताया। उनका दावा था कि पार्टी में एक ही परिवार का प्रभाव प्रमुख है। इसी सिलसिले में उन्होंने सपा के यादव सांसदों का जिक्र किया और कहा कि पार्टी के पांच यादव सांसद हैं और सभी एक ही परिवार से आते हैं।

बीजेपी नेता ने इसे अखिलेश यादव की राजनीतिक बातों और जमीनी तस्वीर के बीच अंतर के तौर पर पेश किया। उनके मुताबिक, जिस सामाजिक प्रतिनिधित्व की बात सपा करती है, उसकी कसौटी संगठन और राजनीतिक भागीदारी में भी दिखाई देनी चाहिए।

PDA पर तंज, बोले- अखिलेश खुद ही कन्फ्यूज हैं

हरीश द्विवेदी के हमले का सबसे अहम हिस्सा अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर रहा। सपा लंबे समय से PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को अपने राजनीतिक समीकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताती रही है।

इसी को लेकर बीजेपी नेता ने अखिलेश पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख खुद यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि आखिर PDA क्या है। इस बयान के जरिए बीजेपी ने सीधे उस सामाजिक समीकरण को निशाने पर लिया, जिसके जरिए सपा अलग-अलग पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को राजनीतिक रूप से जोड़ने की कोशिश करती है।

निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद से जुड़े सवाल पर भी हरीश द्विवेदी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनसे बातचीत करेगा। हालांकि, उन्होंने इस बातचीत को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

राहुल गांधी भी निशाने पर, विपक्ष पर लगाया कन्फ्यूजन का आरोप

हरीश द्विवेदी ने इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी और उनकी मां पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें खुद पता नहीं होता कि राहुल गांधी क्या कहने वाले हैं।

बीजेपी नेता ने विपक्षी दलों पर राजनीतिक भ्रम की स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि विपक्ष की राजनीति में स्पष्टता की कमी दिखाई देती है।

कुल मिलाकर, लखनऊ की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी ने तीन मोर्चों पर अपना राजनीतिक संदेश रखा। एक तरफ संगठन को मजबूत करने की बात हुई, दूसरी तरफ सपा के PDA समीकरण और परिवारवाद को निशाना बनाया गया। साथ ही कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी हमला बोला गया।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी तैयारियां आगे बढ़ने के साथ ऐसे मुद्दों पर बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। फिलहाल, हरीश द्विवेदी के PDA को लेकर दिए बयान ने सपा और बीजेपी के बीच राजनीतिक बहस को एक नया मुद्दा जरूर दे दिया है।