“देश में ईंधन संकट, सरकार इनकार में…” हर्षवर्धन सपकाल का केंद्र पर तीखा हमला, पीएम मोदी तक पर सवाल

“देश में ईंधन संकट, सरकार इनकार में…” हर्षवर्धन सपकाल का केंद्र पर तीखा हमला, पीएम मोदी तक पर सवाल

ईंधन संकट पर सियासत तेज, केंद्र पर सीधा आरोप

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने देश में पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर की कथित कमी को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में ईंधन की किल्लत एक वास्तविक समस्या बनती जा रही है, लेकिन सरकार इसे स्वीकार करने के बजाय कांग्रेस पर अफवाह फैलाने का आरोप लगा रही है। उनके अनुसार, यह स्थिति आम लोगों की परेशानी को नजरअंदाज करने जैसी है।

पीएम मोदी पर निशाना, FIR की मांग

सपकाल ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते हुए कहा कि अगर देश में डर का माहौल बना है, तो इसके लिए सरकार खुद जिम्मेदार है।उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में संभावित लॉकडाउन जैसी परिस्थितियों का जिक्र कर लोगों के बीच आशंका पैदा की गई। इसी आधार पर उन्होंने पीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी उठाई।सपकाल ने दोहराया कि कांग्रेस कोई भ्रम नहीं फैला रही, बल्कि जमीनी स्थिति को सामने ला रही है।

नक्सलवाद के मुद्दे पर भी सरकार घिरी

नक्सलवाद मुक्त भारत के मुद्दे पर भी सपकाल ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया।उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्रवाई के नाम पर पूंजीपतियों के हित साधे जा रहे हैं।उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की जमीन लेकर खनन और औद्योगिक परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे आदिवासी और ग्रामीण समुदाय प्रभावित हो रहे हैं।

उपचुनाव और गठबंधन की रणनीति

बारामती और राहुरी उपचुनाव को लेकर भी कांग्रेस ने अपनी रणनीति स्पष्ट की है।सपकाल ने कहा कि ये सीटें पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पास थीं। अगर शरद पवार की पार्टी इन सीटों पर चुनाव नहीं लड़ती, तो कांग्रेस अपने उम्मीदवार उतार सकती है।विधान परिषद चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन के दल आपसी चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लेंगे, हालांकि कांग्रेस इस सीट पर चुनाव लड़ने की इच्छुक है।

रोहित पवार विवाद पर पलटवार

एनसीपी (अजित गुट) के आरोपों पर भी सपकाल ने सवाल उठाए।उन्होंने रोहित पवार पर लगाए गए 5 करोड़ की सुपारी वाले आरोपों को लेकर कहा कि क्या इन आरोपों के जरिए सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है?साथ ही उन्होंने अजित पवार से जुड़े एक पुराने विमान हादसे को लेकर भी सवाल उठाते हुए इसे साजिश बताया या नहीं, इस पर स्पष्टता मांगी।

शिवाजी महाराज के नाम पर राजनीति पर टिप्पणी

जैन मुनि पद्मसागर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सपकाल ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज एक ऐसे शासक थे, जिन्होंने जाति और धर्म से ऊपर उठकर शासन किया।उन्होंने कहा कि उनके नाम पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए और उनके आदर्शों को सही संदर्भ में समझना जरूरी है।

क्या है बड़ा संदेश?

यह पूरा बयान राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें ईंधन संकट से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा, चुनावी रणनीति और सामाजिक मुद्दों तक कई बड़े सवाल उठाए गए हैं।आने वाले समय में इन आरोपों पर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया और राजनीतिक माहौल पर इसका असर देखने लायक होगा।