चुनावी मैदान में परिवार आमने-सामने
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। उत्तर 24 परगना जिले की बागदा सीट पर ननद और भाभी आमने-सामने हैं, जिससे यह चुनाव हाईप्रोफाइल बन गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी नई सूची में सोमा ठाकुर को उम्मीदवार बनाया है। उनके सामने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मौजूदा विधायक मधुपरना ठाकुर हैं, जो रिश्ते में उनकी ननद लगती हैं। यह मुकाबला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि पारिवारिक भी बन गया है, जिससे पूरे राज्य की नजर इस सीट पर टिक गई है।
पहली बार मैदान में सोमा, अनुभव बनाम नई चुनौती
सोमा ठाकुर पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। हालांकि, वह लंबे समय से राजनीति के माहौल से जुड़ी रही हैं, क्योंकि उनके पति शांतनु ठाकुर केंद्र सरकार में मंत्री हैं। दूसरी ओर, मधुपरना ठाकुर पहले से विधायक हैं और उनका राजनीतिक आधार मजबूत माना जाता है। उनका परिवार भी राजनीति में प्रभावशाली रहा है—उनकी मां ममता बाला ठाकुर और पिता कपिल कृष्ण ठाकुर भी सक्रिय राजनीति में रहे हैं।ऐसे में यह मुकाबला अनुभव और नई चुनौती के बीच सीधा टकराव बन गया है।
BJP की जीत-हार का इतिहास, क्या होगी वापसी?
बागदा सीट का हालिया इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। साल 2021 के विधानसभा चुनाव में BJP ने यहां जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में विधायक के दल बदलने के कारण उपचुनाव हुआ।उपचुनाव में TMC की मधुपरना ठाकुर ने जीत दर्ज की और वह राज्य की सबसे युवा विधायकों में शामिल हुईं।अब BJP इस सीट पर वापसी की कोशिश में है, लेकिन पिछली हार को देखते हुए रास्ता आसान नहीं माना जा रहा।
मतुआ वोट बैंक—किसके पक्ष में जाएगा झुकाव?
इस सीट पर मतुआ समुदाय का प्रभाव बेहद अहम है। ठाकुर परिवार का इस बिरादरी पर मजबूत असर माना जाता है, जिससे चुनाव और ज्यादा रोचक हो गया है। जब एक ही परिवार के दो सदस्य आमने-सामने हों, तो वोट बैंक का बंटवारा भी बड़ा फैक्टर बन जाता है।
BJP के भीतर भी हलचल
सोमा ठाकुर के नाम को लेकर BJP के अंदर भी कुछ नाराजगी की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी को स्थानीय चेहरे को मौका देना चाहिए था। इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाकर बड़ा दांव खेला है, जो चुनाव के नतीजों में साफ दिखाई देगा।
कब होंगे चुनाव, क्या है आगे का समीकरण?
पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे—23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि 4 मई को नतीजे सामने आएंगे।अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह ‘परिवार की लड़ाई’ किसके पक्ष में जाती है और क्या BJP इस सीट पर अपनी पकड़ वापस बना पाती है या नहीं।


