ट्रेन में बिना टिकट सफर अब पड़ेगा महंगा! रेलवे ने दोगुना किया जुर्माना, नए नियम लागू

ट्रेन में बिना टिकट सफर अब पड़ेगा महंगा! रेलवे ने दोगुना किया जुर्माना, नए नियम लागू

भारतीय रेलवे से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा महंगा पड़ने वाला है। रेलवे ने बिना टिकट और अनियमित यात्रा पर लगने वाले न्यूनतम जुर्माने को दोगुना कर दिया है। नए नियमों के तहत पकड़े जाने पर यात्रियों को अब कम से कम 500 रुपये अतिरिक्त जुर्माना भरना होगा, जबकि पहले यह राशि 250 रुपये थी।

रेल मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, ये नए प्रावधान 19 जून 2026 से पूरे देश में लागू हो चुके हैं। रेलवे का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना, बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाना और टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों के हितों की रक्षा करना है।

बिना टिकट यात्रा पर अब कितना लगेगा जुर्माना?

नए नियमों के अनुसार यदि कोई यात्री बिना टिकट ट्रेन में यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है या बिना वैध टिकट यात्रा करने का प्रयास करता है, तो उसे पहले की तुलना में दोगुना न्यूनतम जुर्माना देना होगा।

सिर्फ बिना टिकट यात्रा ही नहीं, बल्कि अनियमित यात्रा यानी गलत श्रेणी, गलत दूरी या अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले मामलों में भी अब न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय से जुर्माने की राशि में बदलाव नहीं हुआ था। मौजूदा परिस्थितियों और यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दंड प्रावधानों को अधिक प्रभावी बनाना जरूरी हो गया था।

सिर्फ टिकट नहीं, कई अन्य नियमों पर भी सख्ती

नए संशोधनों का दायरा केवल टिकट जांच तक सीमित नहीं है। रेलवे ने कई अन्य उल्लंघनों से जुड़े प्रावधानों को भी कड़ा किया है।

इनमें रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश, बिना अनुमति फेरी लगाना, महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों में जबरन प्रवेश करना और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों की अवहेलना करना जैसे मामले शामिल हैं।

रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है।

जन विश्वास अधिनियम के तहत लागू हुए बदलाव

रेल मंत्रालय के अनुसार यह संशोधन जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत रेल अधिनियम, 1989 की विभिन्न धाराओं में किए गए बदलावों का हिस्सा है।

इन संशोधनों का मकसद पुराने और अप्रभावी हो चुके दंड प्रावधानों को वर्तमान समय के अनुरूप बनाना है। रेलवे का मानना है कि बढ़े हुए जुर्माने नियम तोड़ने वालों के लिए प्रभावी निवारक साबित होंगे।

टिकटधारी यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा

रेलवे अधिकारियों के अनुसार बिना टिकट यात्रा करने वालों की वजह से न केवल रेलवे को राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि वैध टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन के मुताबिक, नए नियमों से यात्रियों में जागरूकता बढ़ेगी और रेलवे परिसरों में अनुशासन बेहतर होगा। साथ ही भीड़ नियंत्रण, सीट उपलब्धता और यात्रा अनुभव में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

रेलवे को उम्मीद है कि कड़े दंड प्रावधान लागू होने के बाद बिना टिकट यात्रा और नियम उल्लंघन के मामलों में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसका लाभ उन करोड़ों यात्रियों को मिलेगा जो नियमों का पालन करते हुए टिकट खरीदकर यात्रा करते हैं।