मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लगभग बंद है, तब भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत का सातवां LPG टैंकर Green Sanvi सुरक्षित इस संवेदनशील मार्ग को पार कर गया। इसे गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने “भारतीय कूटनीति की जीत” बताया।
ईरान का खास संदेश—“भारत से ऐतिहासिक रिश्ता”
इस घटना के बाद ईरानी वाणिज्य दूतावास मुंबई ने भारत के लिए एक भावनात्मक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा: “भारत, खासकर गुजरात, हमारे साझा इतिहास में एक खास स्थान रखता है।” यह बयान हजारों साल पुराने व्यापारिक संबंधों की ओर इशारा करता है, जब गुजरात का लोथल बंदरगाह फारस से जुड़ा हुआ था।
अब तक कितने जहाज पहुंचे?
- अब तक 6 LPG जहाज भारत पहुंच चुके हैं
- 7वां जहाज (Green Sanvi) रास्ते में सफलतापूर्वक पार हुआ
- करीब 17 भारतीय जहाज अब भी होर्मुज के पश्चिम में फंसे हैं
यह तब हो रहा है जब दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है।
ईरान ने किन देशों को दी अनुमति?
तनाव के बावजूद ईरान ने कुछ “दोस्त देशों” को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी है:
- भारत
- रूस
- चीन
- इराक
- पाकिस्तान
हालांकि “दुश्मन देशों” के जहाजों पर रोक जारी है।
वैश्विक असर—तेल की कीमतें उछलीं
होर्मुज में बाधा के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर लगभग $100 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
भारत ने अफवाहों को किया खारिज
इस बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने उन खबरों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि भारत के लिए भेजा गया ईरानी तेल चीन भेज दिया गया।
सरकार ने स्पष्ट किया:
- भारत ने अपनी जरूरत का तेल सुरक्षित कर लिया है
- ईरान से तेल खरीद में कोई भुगतान समस्या नहीं है
अमेरिका की छूट के बाद बड़ा संकेत
यह पहली बार है जब सरकार ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि भारत ईरान से तेल खरीद रहा है— यह संभव हुआ है नरेंद्र मोदी सरकार को अमेरिका से मिली अस्थायी छूट के बाद।


