विस भंग करके केसीआर बोले – राहुल गांधी देश के सबसे बड़े मसखरे हैं

टीआरएस मुखिया ने बीजेपी से तालमेल की गुंजाइश नकारी, ओवैसी को अपना दोस्त बताया

हैदराबाद: कयासों के अनुरूप तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने गुरुवार को विधानसभा भंग करने की सिफारिश करके राजयपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. इसके साथ ही वह पूरी तरह चुनावी मोड में आ गए. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सबसे बड़ा मसखरा बताते हुए उन्हें अपनी पार्टी के लिए फायदेमंद बताया. वहीं भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन की किसी भी संभावना को खारिज किया. तेलंगाना विधानसभा को कार्यकाल पूरा होने से लगभग नौ महीने पहले ही भंग कर दिया गया है.

राज्यपाल ई.एस.एल नरसिम्हन ने सदन को भंग करने के मंत्रिमंडल के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया. उन्होंने मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और उनकी मंत्रिमंडल परिषद को कार्यवाहक सरकार के तौर पर काम जारी रखने के लिए कहा है. ऊहापोह की स्थिति को समाप्त करते हुए, मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास प्रगति भवन में हुई बैठक में राज्य विधानसभा ने सदन को भंग करने के प्रस्ताव को पारित कर दिया. आधे घंटे तक चली मंत्रिमंडल की बैठक के बाद तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख चंद्रशेखर राव राज्यपाल से मुलाकात करने राजभवन गए.

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कुछ मिनट बाद, राजभवन से एक बयान जारी हुआ, जिसमें कहा गया कि राज्यपाल ने सदन को भंग करने की मंत्रिमंडल की अनुशंसा मान ली है. उल्लेखनीय है कि केसीआर 6 के अंक को अपने लिए भाग्यशाली मानते हैं इसी यह तय माना जा रहा था कि वो आज छह सितम्बर को बुलाई मंत्रिमंडल की बैठक में विधानसभा भांग करने की सिफारिश करेंगे. केसीआर राज्य के माहौल को अपनी पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति के अनुकूल मान रहे हैं. इसीलिए वह विधानसभा के चुनाव जल्द चाहते हैं. तय समय के मुताबिक़ तेलंगाना के चुनाव अगले साल लोकसभा चुना के साथ होने थे.

बहरहाल, इसी के साथ टीआरएस मुखिया ने चुनावी बयान देना शुरू कर दिए हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष को सबसे बड़ा मसखरा कहा है. राज्य विधानसभा को भंग करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में तेलंगाना के पहले मुख्यमंत्री ने कहा, “सभी जानते हैं राहुल गांधी क्या हैं… देश के सबसे बड़े मसखरे… पूरे देश ने देखा, वह किस तरह श्री नरेंद्र मोदी के पास गए, और उन्हें गले लगाया, और फिर किस तरह आंख मारी… वह हमारे लिए प्रॉपर्टी हैं… जितनी ज़्यादा बार वह (तेलंगाना) आएंगे, हम उतनी ही ज़्यादा सीटें जीतेंगे…”

चंद्रशेखर राव ने कहा, “राहुल गांधी को कांग्रेस की दिल्ली सल्तनत विरासत में मिली है… वह कांग्रेस के दिल्ली साम्राज्य के कानूनी वारिस हैं… यही वजह है कि मैं लोगों से अपील करता हूं कि कांग्रेस के, दिल्ली के गुलाम न बनें… तेलंगाना का निर्णय तेलंगाना में ही होना चाहिए…”

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राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री बन चुके चंद्रशेखर राव ने भाजपा के साथ गठबंधन की संभावना नकारते हुए कहा यह दावा भी किया कि उनकी पार्टी अकेले ही विधानसभा चुनाव लड़ेगी. उन्होंने कहा, “हम चुनाव अकेले लड़ेंगे, लेकिन बेशक हम MIM (असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन – AIMIM) के मित्र हैं…”