‘सुबह तुम्हारे घर छापा पड़ जाएगा’, ललित मोदी का दावा- सुनंदा पुष्कर को लेकर शशि थरूर ने दी थी धमकी

‘सुबह तुम्हारे घर छापा पड़ जाएगा’, ललित मोदी का दावा- सुनंदा पुष्कर को लेकर शशि थरूर ने दी थी धमकी

आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर को लेकर एक बड़ा दावा किया है, जिसने एक बार फिर पुराने कोच्चि आईपीएल विवाद को सुर्खियों में ला दिया है। ललित मोदी ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने कोच्चि फ्रेंचाइजी और उससे जुड़े लोगों पर सवाल उठाए थे, तब शशि थरूर ने उन्हें फोन कर आगे जांच न बढ़ाने की सलाह दी थी। ललित मोदी के मुताबिक बातचीत के दौरान उन्हें सरकारी कार्रवाई तक की चेतावनी दी गई थी।

समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में ललित मोदी ने कई पुराने घटनाक्रमों का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कोच्चि आईपीएल टीम के शेयरहोल्डिंग पैटर्न और सुनंदा पुष्कर की भूमिका को लेकर जब उन्होंने सवाल उठाए, तब विवाद और बढ़ गया था। हालांकि इन आरोपों पर शशि थरूर की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

‘सुनंदा पुष्कर के बारे में सवाल मत पूछो’

ललित मोदी ने इंटरव्यू में दावा किया कि उन्हें शशि थरूर का फोन आया था। उनके मुताबिक थरूर ने उनसे कहा कि सुनंदा पुष्कर के बारे में सवाल न उठाए जाएं। ललित मोदी का आरोप है कि जब उन्होंने इसका कारण पूछा, तब उन्हें संभावित छापेमारी की चेतावनी दी गई।

पूर्व आईपीएल कमिश्नर के अनुसार, उन्होंने इस चेतावनी को गंभीरता से लेने के बजाय फोन काट दिया और संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उस समय वह फ्रेंचाइजी के शेयरधारकों की पूरी जानकारी सार्वजनिक होने तक समझौते को मंजूरी देने के पक्ष में नहीं थे।

यह मामला उस दौर का है जब आईपीएल तेजी से विस्तार कर रहा था और नई फ्रेंचाइजी टीमों को शामिल किया जा रहा था। कोच्चि टीम की बोली और उसके निवेशकों को लेकर उस समय भी कई सवाल उठे थे।

कोच्चि फ्रेंचाइजी की बोली से शुरू हुआ विवाद

ललित मोदी ने दावा किया कि कोच्चि फ्रेंचाइजी ने करीब 350 मिलियन डॉलर की भारी बोली लगाई थी। उनके मुताबिक वित्तीय मॉडल को देखकर उन्हें शुरुआत से ही संदेह था कि इसमें कई बातें स्पष्ट नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में हुई एक देर रात की बैठक में यह विवाद और बढ़ गया। ललित मोदी का कहना है कि उन्होंने आधिकारिक फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट पर साइन करने से मना कर दिया था, क्योंकि कुछ शेयरधारकों की पहचान और हिस्सेदारी स्पष्ट नहीं थी।

इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा कि उस समय उन्हें सुनंदा पुष्कर के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने कंसोर्टियम के लोगों से उनके बारे में पूछा, तब अलग-अलग जवाब मिले।

‘थरूर मेरे घर आए थे’, ललित मोदी का दावा

ललित मोदी ने यह भी कहा कि शशि थरूर ने कोच्चि को आईपीएल में शामिल कराने के लिए उनसे व्यक्तिगत तौर पर बात की थी। उनके मुताबिक उस समय केरल में उचित स्टेडियम न होने के बावजूद उन्होंने कोच्चि की बोली को मंजूरी दी थी।

उन्होंने दावा किया कि थरूर उनके घर आए थे और उन्होंने काफी आग्रह किया था। ललित मोदी ने कहा कि वह उनकी बातों से प्रभावित हो गए थे और इसी वजह से कोच्चि टीम को प्रक्रिया में शामिल होने दिया गया।

बाद में यही फ्रेंचाइजी विवादों में घिर गई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2011 में कोच्चि फ्रेंचाइजी को आईपीएल से बाहर कर दिया था। टीम ने केवल एक सीजन खेला था और अंक तालिका में आठवें स्थान पर रही थी।

2010 में बढ़ा था विवाद, थरूर ने दिया था इस्तीफा

कोच्चि आईपीएल टीम को लेकर विवाद पहली बार 2010 में बड़े स्तर पर सामने आया था। उसी दौरान सुनंदा पुष्कर की हिस्सेदारी और टीम के स्वामित्व को लेकर राजनीतिक और मीडिया हलकों में बहस शुरू हुई थी।

विवाद बढ़ने के बाद शशि थरूर ने 2010 में विदेश राज्य मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय यह मामला राष्ट्रीय राजनीति और क्रिकेट प्रशासन दोनों में चर्चा का बड़ा विषय बना था।

अब ललित मोदी के नए दावों के बाद एक बार फिर वही पुराना विवाद सुर्खियों में लौट आया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।