लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी आग में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़ दिया और तत्काल लखनऊ पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को फटकार लगाई और मामले की गहराई से जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर शहरों में संचालित कोचिंग सेंटरों, व्यावसायिक इमारतों और अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार अब पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की तैयारी में दिखाई दे रही है।
घटनास्थल पर पहुंचे CM योगी, मांगी विस्तृत रिपोर्ट
सोमवार दोपहर अलीगंज के उषा मेहता मार्ग स्थित तीन मंजिला इमारत में अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय इमारत में बड़ी संख्या में छात्र और अन्य लोग मौजूद थे।
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना निर्धारित कार्यक्रम रद्द किया और सीधे लखनऊ पहुंचे। घटनास्थल पर पहुंचकर उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (DGP) और अपर मुख्य सचिव (गृह) को मौके पर जाकर जांच करने तथा विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
बचाव अभियान में जुटीं 14 दमकल गाड़ियां
आग इतनी भयावह थी कि उस पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग को कई घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म समेत 14 फायर टेंडर लगाए गए।
राहत अभियान के दौरान कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। अधिकारियों के मुताबिक कुछ शवों को बॉडी बैग में बाहर लाया गया। कई घायलों को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद इमारत के अंदर अफरा-तफरी मच गई। कुछ छात्रों ने जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग तक लगा दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
विपक्ष ने उठाए सवाल, जांच की मांग तेज
हादसे के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
वहीं बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी शोक जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं कई परिवारों के सपनों को एक झटके में तोड़ देती हैं। उन्होंने अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अब सबकी नजर सरकार की जांच रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर है। यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है, तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर कार्रवाई देखने को मिल सकती है।


