उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में बिजली चोरी पर लगाम लगाने के लिए बिजली विभाग बड़े अभियान की तैयारी में जुट गया है। विभाग अब घर-घर जाकर जांच करेगा और बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़ों के बाद अधिकारियों ने विशेष रणनीति तैयार की है। विभाग का दावा है कि जिन इलाकों में सबसे ज्यादा बिजली चोरी हो रही है, वहां विशेष निगरानी और औचक जांच अभियान चलाया जाएगा।
बिजली विभाग के आंकड़े बताते हैं कि मुरादाबाद में हर दिन करीब 2.78 लाख रुपये की बिजली चोरी हो रही है। यही आंकड़ा महीने भर में बढ़कर लगभग 83 लाख रुपये तक पहुंच जाता है। ऐसे में यह सिर्फ राजस्व का नुकसान नहीं, बल्कि पूरे बिजली वितरण तंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। विभाग का मानना है कि चोरी की वजह से ईमानदारी से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं पर भी अप्रत्यक्ष असर पड़ता है और बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होती है।
83 लाख रुपये की मासिक चोरी ने बढ़ाई चिंता
बिजली विभाग के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि लगातार अभियान चलाने और निगरानी के बावजूद चोरी के मामलों में अपेक्षित कमी नहीं आई है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों ने अधिकारियों को एक बार फिर सक्रिय कर दिया है।
जानकारों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में बिजली चोरी होना केवल आर्थिक नुकसान का मामला नहीं है, बल्कि यह वितरण नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव भी बनाता है। इससे लाइन लॉस बढ़ता है और कई इलाकों में लो-वोल्टेज तथा बिजली कटौती जैसी समस्याएं भी पैदा होती हैं।
घर-घर पहुंचेगी टीम, संदिग्ध इलाकों पर रहेगा फोकस
अधीक्षण अभियंता प्रशांत कुमार के अनुसार विभाग पहले से बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई करता रहा है, लेकिन अब अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा। इसके लिए विशेष टीमों के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
ये टीमें घर-घर जाकर मीटरों की जांच करेंगी, बिजली कनेक्शन का सत्यापन करेंगी और अवैध उपयोग की शिकायतों की पड़ताल करेंगी। विभाग का फोकस उन क्षेत्रों पर रहेगा जहां सबसे अधिक बिजली चोरी के मामले दर्ज किए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी उपभोक्ता के यहां अवैध कनेक्शन, मीटर से छेड़छाड़ या डायरेक्ट लाइन के जरिए बिजली इस्तेमाल करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा बिजली चोरी
बिजली विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक शहर के कई इलाके बिजली चोरी के मामलों को लेकर संवेदनशील श्रेणी में हैं। इनमें गोड़ियाबाग, घोसी की पुलिया, दौलतबाग, नवाबपुरा, लालबाग, पुराना दसवां घाट, वारसी नगर, मुगलपुरा, बरवलान, सीतापुरी टीचर्स कॉलोनी, मियां कॉलोनी, जयंतीपुर, रहमतनगर, पीतल बस्ती, असालतपुरा और चक्कर की मिलक प्रमुख हैं।
दिलचस्प बात यह है कि इतने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान होने के बावजूद पिछले महीने केवल दो स्थानों पर ही कार्रवाई हुई थी। इसी वजह से विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे।
राजस्व बचाने और आपूर्ति सुधारने पर जोर
बिजली विभाग का मानना है कि यदि चोरी पर प्रभावी नियंत्रण हो जाता है तो राजस्व संग्रह बढ़ेगा और उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। विभाग अब नियमित निरीक्षण, तकनीकी निगरानी और विशेष प्रवर्तन अभियान के जरिए इस समस्या पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रहा है।
आने वाले दिनों में मुरादाबाद में बिजली चोरी के खिलाफ यह अभियान और तेज होने की संभावना है। ऐसे में उपभोक्ताओं को भी अपने कनेक्शन और मीटर व्यवस्था को नियमों के अनुरूप रखने की सलाह दी गई है।


