पटना के चर्चित कोचिंग विवाद से जुड़े एक घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। ज्ञान बिंदु जी.एस. एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक प्रिंस यादव नेपाल के एक होटल में ठहरे हुए थे, जहां रविवार सुबह उनकी मौत की खबर सामने आई। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ब्रेन हेमरेज को मौत की संभावित वजह बताया जा रहा है, हालांकि मामले की आधिकारिक जांच अभी जारी है।
यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि प्रिंस यादव का नाम पहले पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर से जुड़े विवादों में सामने आ चुका है। ऐसे में उनकी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब अब नेपाल पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
होटल में क्या हुआ? पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
जानकारी के अनुसार, प्रिंस यादव नेपाल के एक होटल में अपने कुछ दोस्तों के साथ रुके हुए थे। बताया जा रहा है कि उनके साथ 6 से 7 युवक भी मौजूद थे। मौत की सूचना मिलने के बाद नेपाल पुलिस मौके पर पहुंची और होटल में मौजूद सभी युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मौत पूरी तरह प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी हो सकती है। फिलहाल जांच एजेंसियां होटल के रिकॉर्ड, मौजूद लोगों के बयान और अन्य परिस्थितियों की पड़ताल कर रही हैं।
प्रिंस यादव के निधन की पुष्टि के बाद उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परिवार और परिचितों में इस खबर के बाद शोक का माहौल है।
खान सर कोचिंग विवाद से कैसे जुड़ता है नाम?
प्रिंस यादव का नाम हाल के दिनों में उस विवाद के दौरान चर्चा में आया था, जो पटना में खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट पर हुए हमले के बाद शुरू हुआ था। 2 जून को खान सर के कोचिंग संस्थान में तोड़फोड़, मारपीट और हमले की घटना सामने आई थी। इस मामले में खान सर ने आरोप लगाया था कि हमले के पीछे ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर से जुड़े लोग थे।
पुलिस जांच के बाद ज्ञान बिंदु जी.एस. एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद समेत कुछ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वर्तमान में रौशन आनंद पटना के बेऊर जेल में बंद हैं और उनकी जमानत याचिका भी अदालत से खारिज हो चुकी है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि प्रिंस यादव का नाम भी इस विवाद से जुड़े मामलों में सामने आया था और पुलिस उन्हें तलाश रही थी। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
2021 के विवाद का भी हो रहा जिक्र
प्रिंस यादव को लेकर कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि वर्ष 2021 में खान सर के कोचिंग संस्थान से जुड़े एक अन्य विवाद में भी उनका नाम सामने आया था। हालांकि इन मामलों को लेकर पुलिस या अदालत की ओर से मौजूदा समय में कोई नई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
प्रिंस यादव मूल रूप से बिहार के सुपौल जिले के रहने वाले बताए जाते हैं। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का माहौल है।
खान सर केस में भी जारी है कानूनी लड़ाई
उधर, खान सर से जुड़े विवाद का दूसरा पक्ष भी लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। कोचिंग सेंटर में हुई कथित फायरिंग के वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने खान सर के दो सुरक्षा कर्मियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने दावा किया था कि उन्होंने खान सर के निर्देश पर फायरिंग की थी।
इसके बाद पुलिस ने खान सर के खिलाफ आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया। हालांकि खान सर ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल कर रखी है। फिलहाल अदालत ने 20 जून तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है।
अब प्रिंस यादव की मौत की जांच और पटना के कोचिंग विवाद से जुड़े मामलों की कानूनी प्रक्रिया समानांतर रूप से आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो पाएगी।


