पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी तस्वीर अब और साफ हो गई है। बीजेपी ने दोनों सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ और रेजीनगर से शाखारव सरकार को मैदान में उतारा है। नंदीग्राम का मुकाबला इसलिए खास हो गया है क्योंकि हसीरानी रथ, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ की चुनाव परिणाम आने के कुछ दिन बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब बीजेपी ने उनकी मां को उम्मीदवार बनाकर इस चुनाव को राजनीतिक रूप से और संवेदनशील बना दिया है।
नंदीग्राम में बीजेपी ने खेला बड़ा दांव
बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने मंगलवार को उपचुनाव के लिए दोनों उम्मीदवारों के नामों की औपचारिक घोषणा की।
210-नंदीग्राम विधानसभा सीट से हसीरानी रथ को टिकट मिला है। वहीं 70-रेजीनगर सीट से शाखारव सरकार बीजेपी के उम्मीदवार होंगे।
नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई है। वहीं रेजीनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई।
इन दोनों सीटों पर उपचुनाव ऐसे समय हो रहा है, जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में मुकाबला पहले से ही काफी अहम बना हुआ है। इसलिए उम्मीदवारों के चयन को भी पार्टियों की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद अब मां मैदान में
हसीरानी रथ के उम्मीदवार बनने की सबसे बड़ी वजह उनका पारिवारिक राजनीतिक संदर्भ है। वह चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जो शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक रह चुके थे।
चंद्रनाथ की मई में हत्या कर दी गई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के दो दिन बाद 6 मई को उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में 42 वर्षीय चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
घटना के बाद राजनीतिक स्तर पर काफी विवाद हुआ था।
अब कुछ महीनों बाद उनकी मां को नंदीग्राम से टिकट दिए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चुनावी चर्चा के केंद्र में आ गया है। हालांकि, इस चुनाव में मतदाताओं के सामने मुद्दे केवल इस घटना तक सीमित नहीं होंगे। नंदीग्राम की स्थानीय राजनीति और उम्मीदवारों की अपनी राजनीतिक पकड़ भी अहम भूमिका निभाएगी।
TMC ने संचिता प्रधान को उतारा, कांग्रेस-माकपा भी मैदान में
बीजेपी से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। पार्टी ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) को टिकट दिया है। वहीं रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी TMC के उम्मीदवार हैं।
TMC ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इन नामों का ऐलान किया था। पार्टी ने कहा कि उम्मीदवारों का चयन राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता बनर्जी के मार्गदर्शन में किया गया है। पार्टी ने दोनों प्रत्याशियों को शुभकामनाएं देते हुए जनता की आकांक्षाओं को मजबूती से आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई।
वहीं कांग्रेस ने भी दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। नंदीग्राम से मिलन प्रधान और रेजीनगर से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफ़ी कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।
इसके अलावा रेजीनगर से माकपा ने एडवोकेट सईद असद अली को टिकट दिया है। नंदीग्राम में भाकपा ने शांति गोपाल गिरि को अपना उम्मीदवार बनाया है।
इस तरह दोनों सीटों पर मुकाबला बहुकोणीय होता दिख रहा है। अलग-अलग दल अपने-अपने संगठन और स्थानीय समीकरणों के सहारे मतदाताओं को साधने की कोशिश करेंगे।
6 अक्टूबर को वोटिंग, 9 अक्टूबर को आएगा नतीजा
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। वोटों की गिनती के बाद 9 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तारीख 16 सितंबर है। वहीं उम्मीदवार 19 सितंबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं।
अब आने वाले दिनों में तस्वीर और स्पष्ट होगी। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों का प्रचार तेज होगा और स्थानीय मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में आएंगे।
नंदीग्राम में बीजेपी के सामने अपनी रणनीति को मतदाताओं तक पहुंचाने की चुनौती होगी। TMC भी अपनी उम्मीदवार के जरिए सीट पर पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी। कांग्रेस और वाम दलों के उम्मीदवार मुकाबले को और बहुकोणीय बना रहे हैं।
रेजीनगर में भी अलग-अलग राजनीतिक दलों की मौजूदगी चुनाव को दिलचस्प बना रही है। अब असली फैसला 6 अक्टूबर को मतदाता करेंगे, जबकि 9 अक्टूबर को यह साफ हो जाएगा कि दोनों सीटों पर जनता ने किसके पक्ष में अपना जनादेश दिया।


