उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट बैठक मंगलवार को कई अहम फैसलों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक के एजेंडे में करीब 18 प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। इनमें अयोध्या की सुरक्षा मजबूत करने के लिए NSG का क्षेत्रीय हब स्थापित करने, PRD जवानों का मानदेय बढ़ाने, सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू करने और कोटेदारों का मार्जिन बढ़ाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। बैठक में एजेंडे के अलावा कुछ अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा संभव है।
अयोध्या में NSG हब के लिए 65 एकड़ जमीन का प्रस्ताव
कैबिनेट के एजेंडे में अयोध्या से जुड़ा प्रस्ताव सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार मिल्कीपुर क्षेत्र के लालखां गांव में करीब 65 एकड़ बंजर जमीन केंद्रीय गृह मंत्रालय को देने का प्रस्ताव रखेगी।
इस जमीन पर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड यानी NSG का क्षेत्रीय हब विकसित किए जाने की योजना है। इसका उद्देश्य अयोध्या और आसपास के क्षेत्र में गंभीर सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार करना है।
राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या का राष्ट्रीय स्तर पर महत्व लगातार बढ़ा है। यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही के साथ वीआईपी और अन्य महत्वपूर्ण लोगों का आवागमन भी रहता है। ऐसे में NSG की क्षेत्रीय मौजूदगी सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है।
इस केंद्र का इस्तेमाल हाई रिस्क ऑपरेशन और आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़े प्रशिक्षण और तैयारी के लिए भी किया जा सकेगा। खासकर उत्तर भारत में NSG के प्रशिक्षण के लिहाज से अयोध्या को एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
PRD जवानों और कोटेदारों को मिल सकती है सीधी राहत
कैबिनेट में प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के स्वयंसेवकों के लिए भी अहम प्रस्ताव रखा जाएगा। मौजूदा ₹500 प्रतिदिन के मानदेय को बढ़ाकर ₹600 प्रतिदिन करने की तैयारी है।
इसके अलावा करीब 40 हजार PRD स्वयंसेवकों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए बीमा कवर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी शामिल है।
PRD जवान कानून-व्यवस्था, यातायात व्यवस्था और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में पुलिस और प्रशासन के साथ काम करते हैं। इसलिए मानदेय में बढ़ोतरी और स्वास्थ्य सुविधा का सीधा असर इस पूरे कार्यबल पर पड़ेगा।
वहीं प्रदेश के 78 हजार से ज्यादा उचित मूल्य की दुकानों के कोटेदारों के लिए भी राहत का प्रस्ताव है। सरकार उनके मार्जिन में ₹25 प्रति क्विंटल की अतिरिक्त बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है।
प्रस्ताव मंजूर होने पर कोटेदारों की आय में हर महीने करीब ₹2,000 से ₹2,500 तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े इन दुकानदारों के लिए यह फैसला आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है।
सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास से बदलेगी पढ़ाई की तस्वीर?
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में स्मार्ट क्लास विकसित करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।
सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं और उनकी स्थिति को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे माहौल में स्मार्ट क्लास का प्रस्ताव सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को डिजिटल माध्यम से जोड़ने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो छात्रों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ तकनीक आधारित शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने की कोशिश होगी। इसका असर खास तौर पर उन बच्चों पर पड़ सकता है, जिन्हें निजी स्कूलों जैसी डिजिटल सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं।
यानी कैबिनेट के इस प्रस्ताव का सीधा संबंध सिर्फ स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर से नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल से भी है।
एक्सप्रेसवे, यूनिवर्सिटी और नई नीतियों पर भी फैसला संभव
योगी कैबिनेट के एजेंडे में कई दूसरे महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी शामिल हैं। इनमें 10 साल से अधिक अवधि वाले किरायेदारी पट्टों के रजिस्ट्रेशन पर स्टांप ड्यूटी में छूट देने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा राज्य में खिलौना निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नई नीति लाने और चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के विस्तार से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है।
वाहनों की तकनीकी जांच को लेकर नई राज्य नीति-2026 को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। इसका उद्देश्य वाहनों की तकनीकी जांच से जुड़ी व्यवस्था को नए ढांचे के तहत आगे बढ़ाना है।
शिक्षा के क्षेत्र में अलीगढ़ में साईं ग्लोबल विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए आशय पत्र जारी करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
इसके साथ ही सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़-बढ़नी और हरदोई के सवायजपुर में नए बस स्टैंड बनाने के लिए जमीन परिवहन विभाग को देने के प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने होंगे।
कुल मिलाकर मंगलवार की बैठक में सुरक्षा से लेकर शिक्षा, परिवहन और जनकल्याण तक कई क्षेत्रों से जुड़े फैसले लिए जा सकते हैं। हालांकि अंतिम स्थिति कैबिनेट की बैठक के बाद ही साफ होगी। फिलहाल 18 प्रस्तावों का एजेंडा यह संकेत देता है कि सरकार की प्राथमिकता में अयोध्या की सुरक्षा के साथ-साथ सरकारी स्कूल, PRD कर्मी, राशन व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल हैं।


