नीतीश कुमार को आज साबित करना है बहुमत, जीतनराम मांझी और लापता विधायकों ने बढ़ाई टेंशन

नीतीश कुमार को आज साबित करना है बहुमत, जीतनराम मांझी और लापता विधायकों ने बढ़ाई टेंशन

बिहार के सीएम नीतीश कुमार को आज विधानसभा में बहुमत साबित करना है। फ्लोर टेस्ट से पहले बिहार में रविवार से तमाम राजनीतिक रंग देखने को मिल रहे हैं। रविवार को उस वक्त बड़ा संशय पैदा हुआ, जब अचानक ये खबर आई कि पूर्व सीएम और एनडीए के घटक हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा यानी हम के अध्यक्ष जीतनराम मांझी का मोबाइल फोन स्विच्ड ऑफ हो गया है। वहीं, जेडीयू की बैठक में 5 विधायक नहीं पहुंचे थे। हालांकि, बाद में जेडीयू की तरफ से बताया गया कि इनमें से मनोज यादव, डॉ. संजीव और सुदर्शन से संपर्क हो गया है। बाकी के 2 विधायकों से संपर्क नहीं हुआ। हालांकि, जेडीयू की तरफ से दावा किया जा रहा है कि बहुमत परीक्षण के दौरान उसके सभी विधायक सदन में मौजूद रहेंगे और नंबर के खेल में नीतीश कुमार पास हो जाएंगे। बीजेपी ने भी दावा किया है कि नीतीश कुमार विधानसभा में बहुमत साबित कर देंगे।

बीजेपी और जेडीयू ने दावा किया है कि नीतीश कुमार को बहुमत मिल जाएगा। दूसरी ओर, आरजेडी की तरफ से कहा गया है कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। सुनिए आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी का बयान।

वहीं, हैदराबाद से वापस पटना लौटने वाले कांग्रेस के विधायकों ने दावा किया कि जेडीयू के 9 और बीजेपी के 4 विधायक गायब हैं। कांग्रेस के इन विधायकों ने ये दावा भी किया कि नीतीश कुमार बिहार विधानसभा आएंगे ही नहीं और आरजेडी-कांग्रेस और अन्य सहयोगी दल मिलकर फिर से महागठबंधन की सरकार बनाने का दावा करेंगे। आरजेडी के भी कुछ नेताओं ने कहा कि बिहार में खेला होगा। जब नीतीश कुमार ने फिर बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी, तो आरजेडी के नेता और लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने कहा था कि खेला अभी बाकी है। अब सबकी नजर इस पर है कि क्या नीतीश कुमार बहुमत साबित कर पाते हैं या आरजेडी और कांग्रेस उनके इरादे को ध्वस्त कर देता है। चर्चा इसकी भी है कि अगर नीतीश कुमार को लगा कि बहुमत हासिल करने में दिक्कत हो सकती है, तो वो बिहार विधानसभा भंग करने की सिफारिश भी गवर्नर से कर सकते हैं।

बिहार विधानसभा में आज पहले गवर्नर का अभिभाषण होगा। इसके बाद अध्यक्ष को हटाने का प्रस्ताव आएगा। फिर नीतीश कुमार बहुमत का प्रस्ताव पेश करेंगे। अगर नंबर गेम की बात करें, तो बिहार में लालू यादव की आरजेडी के 79 विधायक हैं। वहीं, बीजेपी के विधायकों की संख्या 78 है। नीतीश कुमार की जेडीयू के 45, कांग्रेस के 19, सीपीआई-एमएल के 12, हम के 4, सीपीआई और सीपीएम के 2-2, निर्दलीय 2 और एआईएमआईएम का 1 विधायक बिहार विधानसभा में हैं। अभी बीजेपी-जेडीयू की सरकार के पास 128 विधायक हैं। जो बहुमत को पूरा करते हैं। बहुमत से बीजेपी-जेडीयू की संख्या 6 ही ज्यादा है।