पेपर लीक पर BJP का विपक्ष पर बड़ा हमला, पूछा- कर्नाटक और झारखंड में छात्रों के मुद्दे पर आखिर चुप्पी क्यों?

पेपर लीक पर BJP का विपक्ष पर बड़ा हमला, पूछा- कर्नाटक और झारखंड में छात्रों के मुद्दे पर आखिर चुप्पी क्यों?

देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं को लेकर लगातार बहस जारी है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस मुद्दे पर विपक्ष, खासकर कांग्रेस को घेरते हुए उस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। बीजेपी का कहना है कि विपक्ष कुछ राज्यों की घटनाओं पर मुखर दिखाई देता है, लेकिन जहां उसकी अपनी सरकारें हैं, वहां छात्रों के आंदोलन और पेपर लीक के आरोपों पर चुप्पी साध लेता है। पार्टी ने कर्नाटक और झारखंड का उदाहरण देते हुए कांग्रेस से कई सवाल भी पूछे हैं।

बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अगर विपक्ष वास्तव में छात्रों के हित की बात करता है, तो उसे सभी राज्यों में समान रवैया अपनाना चाहिए। उनका आरोप है कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीतिक सुविधा के आधार पर प्रतिक्रिया देना उचित नहीं है।

‘कर्नाटक और झारखंड पर कांग्रेस क्यों नहीं बोल रही?’

संबित पात्रा ने कहा कि झारखंड में बड़ी संख्या में छात्र कथित भर्ती अनियमितताओं और परीक्षा विवादों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर धरना-प्रदर्शन तक, छात्र अपनी मांगों को उठा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस इस विषय पर खुलकर सामने नहीं आ रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में भी इस मुद्दे को विपक्ष की ओर से अपेक्षित तरीके से नहीं उठाया गया। उनके अनुसार, यदि छात्रों के भविष्य की चिंता वास्तविक होती, तो हर राज्य में एक जैसी प्रतिक्रिया देखने को मिलती। बीजेपी ने इसे विपक्ष का “चुनिंदा आक्रोश” बताते हुए कहा कि इस मुद्दे का इस्तेमाल केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है।

संसद नहीं चलने पर भी सरकार ने विपक्ष को घेरा

बीजेपी सांसद ने मानसून सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संसद का प्रत्येक सत्र सार्वजनिक धन से संचालित होता है, लेकिन लगातार हंगामे के कारण प्रश्नकाल तक नहीं हो पा रहा है।

संबित पात्रा के अनुसार, कई महत्वपूर्ण विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन के कुछ दल लगातार व्यवधान पैदा कर रहे हैं, जिससे संसदीय कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल पा रही है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में बहस और चर्चा सबसे महत्वपूर्ण होती है, लेकिन मौजूदा स्थिति में उसकी गुंजाइश कम हो रही है।

प्रियांक खरगे के बयान को लेकर भी उठाए सवाल

बीजेपी ने कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे के उस बयान का भी उल्लेख किया, जो पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध के दौरान सामने आया था। संबित पात्रा ने कहा कि जब उनसे पूछा गया कि क्या परीक्षा विवाद पर कोई मंत्री जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देगा, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि पहले छात्रों को 25 दिन तक भूख हड़ताल करने दें, फिर लाठीचार्ज होगा और उसके बाद इस्तीफे पर विचार करेंगे।

बीजेपी ने इस बयान की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को संतुलित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि इस बयान पर कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई।

झारखंड में जांच और छात्रों का आंदोलन जारी

झारखंड में भी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। राज्य लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से सीआईडी ने कई चरणों में लंबी पूछताछ की है। उन्होंने इससे पहले आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा भी दे दिया था।

उधर, रांची में छात्र संगठन JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

फिलहाल पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। एक ओर बीजेपी विपक्ष पर दोहरे रवैये का आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी ओर छात्र विभिन्न राज्यों में निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग पर अड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक बहस दोनों में प्रमुख बना रह सकता है।