PM मोदी ने किया माफ, 15 साल की लड़की पर दर्ज FIR होगी खत्म? वकील ने शिकायत वापस लेने का किया फैसला

PM मोदी ने किया माफ, 15 साल की लड़की पर दर्ज FIR होगी खत्म? वकील ने शिकायत वापस लेने का किया फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली 15 वर्षीय लड़की के खिलाफ दर्ज शिकायत अब वापस ली जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की वकील स्मृति सिंह चंदेल, जिनकी शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था, उन्होंने कहा है कि जब खुद प्रधानमंत्री ने लड़की को माफ कर दिया है, तो उनके लिए शिकायत आगे बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इस फैसले के बाद अब मामले को बंद करने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें एक नाबालिग, अभिव्यक्ति की मर्यादा और कानूनी कार्रवाई जैसे कई संवेदनशील पहलू जुड़े हुए हैं।

प्रधानमंत्री के बयान के बाद बदला पूरा घटनाक्रम

इस मामले की शुरुआत तब हुई थी जब जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान एक लड़की का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती दिखाई दी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की वकील स्मृति सिंह चंदेल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत जीरो FIR दर्ज की और बाद में जांच के लिए मामला दिल्ली पुलिस को सौंप दिया। लेकिन कुछ ही दिनों बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश में कहा कि उन्हें और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ अपशब्द कहने वाले “भटके हुए बच्चों” को उन्होंने माफ कर दिया है और समाज को ऐसे बच्चों को सही रास्ता दिखाने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री के इसी बयान के बाद शिकायतकर्ता वकील ने भी अपना रुख बदलते हुए शिकायत वापस लेने का फैसला किया।

वकील बोलीं- जब प्रधानमंत्री ने माफ कर दिया, तो शिकायत आगे क्यों बढ़ाऊं

सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता स्मृति सिंह चंदेल ने कहा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की गई थी, जब वही व्यक्ति क्षमा कर चुका है, तो उनके लिए इस मामले को आगे बढ़ाने का कोई कारण नहीं बचता।

उन्होंने बताया कि अपने इस फैसले की जानकारी उन्होंने मामले की जांच कर रहे दिल्ली पुलिस के जांच अधिकारी (IO) को भी दे दी है। अब पुलिस नियमानुसार अदालत में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर मामले को बंद करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।

इस फैसले के बाद यह मामला कानूनी कार्रवाई से ज्यादा सामाजिक और नैतिक चर्चा का विषय बन गया है कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में सुधार और मार्गदर्शन की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है।

लड़की ने सार्वजनिक तौर पर मांगी थी माफी

FIR दर्ज होने के कुछ ही घंटों बाद लड़की का एक माफीनामा वीडियो भी सामने आया। उसमें उसने कहा कि वह जुलाई में अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस गई थी, जहां कुछ लोग प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगा रहे थे। उसके अनुसार, वहीं मौजूद लोगों ने उसे भी वही बातें दोहराने के लिए उकसाया और उसने गलती कर दी।

वीडियो में लड़की ने कहा कि उसे अपने किए पर पछतावा है और वह पूरे देश से माफी मांगती है। उसने खुद को 15 साल की बताते हुए कहा कि यह उसकी पहली और आखिरी गलती है और भविष्य में वह ऐसी कोई हरकत नहीं दोहराएगी।

इस सार्वजनिक माफी के बाद मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

उम्र को लेकर विवाद और परिवार की सुरक्षा भी बनी चर्चा का विषय

इस पूरे मामले में लड़की की उम्र भी विवाद का कारण बनी रही। पुलिस शिकायत और FIR में उसकी उम्र 25 वर्ष दर्ज बताई गई, जबकि लड़की और उसकी मां का कहना है कि वह केवल 15 साल की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद परिवार को कथित तौर पर धमकियां भी मिलीं। परिवार का दावा है कि उन्हें दुष्कर्म, हत्या और एसिड अटैक जैसी धमकियों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्हें अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा।

हालांकि, इस मामले में अब शिकायत वापस लेने के फैसले के बाद कानूनी प्रक्रिया समाप्त होने की संभावना बढ़ गई है। आगे की कार्रवाई दिल्ली पुलिस की ओर से अदालत में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल किए जाने पर निर्भर करेगी।