नीदरलैंड में मोदी का भावुक संबोधन: “भारत में फेस्टिवल चल रहा है” – 12 साल पुरानी उस ऐतिहासिक जीत की याद

नीदरलैंड में मोदी का भावुक संबोधन: “भारत में फेस्टिवल चल रहा है” – 12 साल पुरानी उस ऐतिहासिक जीत की याद

द हेग में भारतीय समुदाय के बीच खड़े होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ पल के लिए अपने देश में महसूस कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इतना उत्साह और प्यार देखकर लगा जैसे कोई त्योहार भारत में चल रहा हो। यह संबोधन सिर्फ एक भाषण नहीं था, बल्कि उन 12 वर्षों की यात्रा का सार था जो 16 मई 2014 को शुरू हुई थी।

उस दिन लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे। दशकों बाद देश में स्थिर और पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने का रास्ता साफ हुआ। आज ठीक 12 साल बाद प्रधानमंत्री उस दिन को याद कर रहे हैं। उनके पीछे 13 साल मुख्यमंत्री और 12 साल प्रधानमंत्री के रूप में सेवा का अनुभव है। लोकतंत्र की दुनिया में 25 साल तक करोड़ों मतदाताओं का निरंतर समर्थन किसी साधारण बात नहीं है।

जनता का आशीर्वाद: मोदी की सबसे बड़ी ताकत

प्रधानमंत्री ने खुलकर कहा कि यह आंकड़ा उनके लिए महज संख्या नहीं है। करोड़ों भारतीयों का विश्वास उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। छोटी उम्र से ही देशभक्ति में रंगे मोदी के लिए जनता ही परिवार बन गई। उन्होंने कहा, “आपका दुख मेरा दुख और आपका सुख मेरा सुख बन गया।” इस यात्रा में वे कभी नहीं रुके क्योंकि देशवासियों का प्यार उन्हें हर पल नई ऊर्जा देता है।

आम नागरिक के नजरिए से देखें तो यह निरंतर समर्थन सिर्फ एक नेता की लोकप्रियता नहीं दर्शाता। यह दर्शाता है कि देश बदलाव चाहता है और उस बदलाव को तेज गति से लागू करने वाले नेता पर भरोसा करता है।

भारत को बेस्ट और फास्टेस्ट चाहिए: मोदी का विजन

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि कोई भी देश आगे बढ़ना चाहे तो उसे बड़े सपने देखने होंगे। भारत अब ट्रांसफॉर्मेशन से आगे निकलकर बेस्ट और फास्टेस्ट बनना चाहता है। युवा आसमान छू रहे हैं। स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं, ड्रोन बना रहे हैं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में देश को आगे ले जा रहे हैं। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश है।

देश की आकांक्षाएं अब सीमाओं में बंधी नहीं हैं। भारत ओलंपिक होस्ट करने, ग्लोबल एनर्जी लीडर बनने और दुनिया की ग्रोथ का इंजन बनने का सपना देख रहा है। सड़कें, हाईवे, वंदे भारत ट्रेनें, ऊंची-लंबी टनलें, पुल, मेट्रो, एयरपोर्ट – हर क्षेत्र में रफ्तार अभूतपूर्व है।

इनोवेशन और उपलब्धियों का नया अध्याय

भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा यूनिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम बनाया, सबसे बड़ा डिजिटल फाइनेंशियल इकोसिस्टम खड़ा किया और सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य योजना चलाई। चंद्रमा पर जहां कोई नहीं पहुंचा था, वहां भारत पहुंचा। न्यूक्लियर एनर्जी में फास्ट ब्रिड रिएक्टर, विशाल सोलर पार्क, डिजिटल ट्रांजेक्शन – हर मोर्चे पर देश आगे बढ़ रहा है।

एक समय मोबाइल आयात करने वाला भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्यातक है। बीते वर्षों में धरती से चंद्रमा की दूरी से भी कई गुना ज्यादा ऑप्टिकल फाइबर बिछाया गया। रोज 20 बिलियन से ज्यादा डिजिटल ट्रांजेक्शन हो रहे हैं, जो दुनिया के आधे से ज्यादा लेन-देन के बराबर है। पिछले साल 1.25 लाख से ज्यादा पेटेंट फाइल हुए और सेमीकंडक्टर प्लांट्स में काम तेजी से चल रहा है।

नीदरलैंड के साथ मजबूत साझेदारी

प्रधानमंत्री ने नीदरलैंड को यूरोप में भारतीय कारोबार के लिए प्राकृतिक प्रवेश द्वार बताया। प्रवासी भारतीय इस पुल को और मजबूत बना सकते हैं। ट्यूलिप की इस धरती पर उन्होंने कमल का जिक्र किया। दोनों फूल सिखाते हैं कि सही पोषण मिले तो जड़ें चाहे पानी में हों या धरती में, सुंदरता और मजबूती दोनों मिलती है। यही भारत-नीदरलैंड साझेदारी का आधार है। खेल क्षेत्र, खासकर क्रिकेट में भी दोनों देश साथ काम कर रहे हैं।

इस यात्रा में प्रधानमंत्री का संदेश साफ है – भारत न सिर्फ खुद बदल रहा है बल्कि दुनिया को नई दिशा दिखा रहा है। आम भारतीय के लिए यह बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी में बेहतर अवसर, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और गर्व की भावना के रूप में दिख रहा है।