वोट देने पहुंची PM मोदी की मां 100 वर्ष की में , हौसला देख लोगों ने किया सलाम !

वोट देने पहुंची PM मोदी की मां 100 वर्ष की में , हौसला देख लोगों ने किया सलाम !

नई दिल्ली। गुजरात के गांधी नगर में म्युनिसिपल कारपोरेशन के लिए चुनाव हो रहा है। रविवार को इसके लिए वोटिंग हो रही है। इसी बीच गांधीनगर म्युनिसिपल कारपोरेशन चुनाव में वोट डालने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां हीराबेन भी पोलिंग बूथ पहुंची और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इतना ही वोटिंग करने के बाद हीराबेन ने गांधीनगर म्युनिसिपल कारपोरेशन में बीजेपी की जीत का विश्वास भी जताया। प्रधानमंत्री मोदी की मां जैसे ही पोलिंग बूथ पर वोट डालने के लिए पहुंची, उन्हें परिवार के सदस्यों और सुरक्षाकर्मियों द्वारा सहारा देकर अंदर ले जाया गया। जहां पर उन्होंने वोट डाला।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी की मां हीराबेन की उम्र करीब 100 साल है। बताया जाता है कि हीराबेन का जन्म 1920 में हुआ था। 100 साल की उम्र के बीच प्रधानमंत्री मोदी की मां सुबह 9 बजे के करीब पोलिंग बूथ पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंची। जहां पर उनके हौसले को देखकर हर कोई हैरान रह गया। एक तरफ जहां चुनावों में वोट डालने के लिए लोगों को घरों से बाहर निकालने में चुनाव आयोग को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। विज्ञापन दिखाना पड़ता है, उसके बावजूद भी वोटिंग प्रतिशत में ज्यादा इजाफा नहीं हो पाता। वहीं दूसरी तरह 100 साल की हीराबेन एक जागरुक नागरिक की तरह पोलिंग बूथ पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग करती है। ये समाज के लिए एक सीख है।

दरअसल गांधीनगर नगर निगम के 11 वार्डों में 44 पार्षदों के लिए वोटिंग हो रही है। बीजेपी और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी भी इस बार मैदान में है। गांधीनगर में मतदाताओं की संख्या 2.8 लाख है। पिछले चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस को बराबर 16-16 सीटों पर जीत मिली थी। हालांकि इस बार आम आदमी पार्टी की तरफ से भी उम्मीदवार उतारे जाने के बाद मामला त्रिकोणीय हो सकता है। 5 अक्टूबर को चुनाव के नतीजे सामने आयेंगे।

हालांकि इस बीच गांधीनगर नगर निगम के चुनाव में वोट डालने के लिए पहुंची हीराबेन के हौसले से हर कोई हैरान है। हीराबेन की उम्र करीब 100 साल है। इसके बावजूद वे हर चुनाव में पोलिंग बूथ पहुंचकर वोट जरूर डालती हैं। इसके साथ ही हीराबेन ने गांधीनगर नगर निगम के चुनाव में बीजेपी की जीत पर भरोसा जताया। यहां ये बताना जरूरी है कि विजय रूपाणी के मुख्यमंत्री पद से हटने और भूपेंद्र पटेल के मुख्यमंत्री बनने के बाद ये पहला चुनाव है। इस लिहाज से इस चुनाव को बेहद अहम माना जा रहा है।