अगर आप रेहड़ी-पटरी, ठेला या सड़क किनारे छोटा कारोबार करते हैं, तो केंद्र सरकार की PM SVANidhi (प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि) योजना आपके लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है। इस योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को बिना किसी गारंटी के 50,000 रुपये तक का लोन दिया जाता है। इतना ही नहीं, समय पर किस्त चुकाने वालों को सरकार 7% तक ब्याज सब्सिडी और डिजिटल लेनदेन पर कैशबैक का भी लाभ देती है।
कोरोना महामारी के दौरान शुरू की गई यह योजना अब लाखों छोटे कारोबारियों के लिए वित्तीय सहारा बन चुकी है। सरकार का उद्देश्य ऐसे लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, जो लंबे समय तक पारंपरिक बैंकिंग सुविधाओं से दूर रहे हैं।
तीन चरणों में मिलता है 50 हजार रुपये तक का लोन
PM SVANidhi योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी प्रकार की गारंटी या संपार्श्विक (Collateral) की जरूरत नहीं होती।
योजना के तहत लोन तीन चरणों में दिया जाता है:
- पहले चरण में 15,000 रुपये तक का लोन
- दूसरे चरण में 25,000 रुपये तक का लोन
- तीसरे चरण में 50,000 रुपये तक का लोन
हालांकि अगले चरण का लाभ उन्हीं लाभार्थियों को मिलता है, जो पहले लिए गए ऋण का समय पर भुगतान करते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य अच्छे वित्तीय व्यवहार को प्रोत्साहित करना है।
समय पर भुगतान करने वालों को अतिरिक्त लाभ
योजना सिर्फ लोन तक सीमित नहीं है। सरकार समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को 7 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी भी देती है।
इसके अलावा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन भी दिए जाते हैं। योजना से जुड़े स्ट्रीट वेंडर्स डिजिटल ट्रांजैक्शन करने पर सालाना 1,600 रुपये तक का कैशबैक प्राप्त कर सकते हैं।
सरकार का मानना है कि इससे छोटे व्यापारियों की डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदारी बढ़ेगी और नकद लेनदेन पर निर्भरता कम होगी।
UPI-Linked RuPay Credit Card की भी सुविधा
PM SVANidhi योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू UPI-Linked RuPay Credit Card है।
जो लाभार्थी दूसरे चरण का लोन सफलतापूर्वक चुका देते हैं, वे 30,000 रुपये तक की क्रेडिट लिमिट वाले इस कार्ड के लिए पात्र हो जाते हैं। इससे छोटे व्यापारियों को जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कार्यशील पूंजी (Working Capital) उपलब्ध हो जाती है।
यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है, जिन्हें छोटे कारोबार को चलाने के लिए तुरंत धन की आवश्यकता पड़ती है।
75 लाख से ज्यादा लोगों को मिला फायदा
सरकार के अनुसार, मई 2026 तक इस योजना के तहत 75.5 लाख से अधिक लाभार्थियों को 1.12 करोड़ से ज्यादा ऋण दिए जा चुके हैं। इन ऋणों की कुल राशि 17,800 करोड़ रुपये से अधिक है।
योजना के जरिए 55 लाख से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स डिजिटल भुगतान प्रणाली से भी जुड़े हैं। इन लाभार्थियों ने अब तक करीब 8.96 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 841 करोड़ से अधिक डिजिटल लेनदेन किए हैं।
सरकार ने ब्याज सब्सिडी और डिजिटल कैशबैक के रूप में लाभार्थियों को लगभग 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ भी उपलब्ध कराया है।
2030 तक बढ़ाई गई योजना
1 जून 2026 को PM SVANidhi योजना ने अपने छह वर्ष पूरे किए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस पहल ने लाखों स्ट्रीट वेंडर्स को बिना गारंटी ऋण, वित्तीय समावेशन और नए आर्थिक अवसर उपलब्ध कराए हैं।
योजना की बढ़ती लोकप्रियता और सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए सरकार ने इसे मार्च 2030 तक जारी रखने का फैसला किया है। इससे आने वाले वर्षों में और अधिक छोटे कारोबारियों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।


