NEET परीक्षार्थियों के लिए PM मोदी का बड़ा फैसला! 45 मिनट एयरपोर्ट पर रुके रहे, ताकि छात्रों को न हो परेशानी

NEET परीक्षार्थियों के लिए PM मोदी का बड़ा फैसला! 45 मिनट एयरपोर्ट पर रुके रहे, ताकि छात्रों को न हो परेशानी

देशभर में NEET-UG 2026 री-एग्जाम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक फैसला चर्चा का विषय बन गया है। रविवार को पश्चिम बंगाल दौरे से दिल्ली लौटे प्रधानमंत्री करीब 45 मिनट तक एयरपोर्ट पर ही रुके रहे। इसकी वजह कोई सरकारी बैठक या सुरक्षा कारण नहीं, बल्कि NEET परीक्षा देने जा रहे लाखों छात्रों की सुविधा बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की विशेष उड़ान दोपहर करीब 1:15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची थी। सामान्य तौर पर उन्हें सीधे अपने आवास के लिए रवाना होना था, लेकिन उसी समय बड़ी संख्या में NEET अभ्यर्थी विभिन्न परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे थे। प्रधानमंत्री के काफिले की आवाजाही से राजधानी के कुछ हिस्सों में ट्रैफिक प्रभावित हो सकता था। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने परीक्षा शुरू होने तक एयरपोर्ट पर ही रुकने का फैसला किया।

छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता, 2 बजे के बाद हुए रवाना

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से परीक्षा के समय और ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद तय किया गया कि दोपहर 2 बजे परीक्षा शुरू होने के बाद ही उनका काफिला एयरपोर्ट से निकलेगा।

इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे छात्रों को किसी तरह की देरी या असुविधा का सामना न करना पड़े। परीक्षा शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री अपने आवास के लिए रवाना हुए।

ऐसे समय में जब लाखों छात्र अपने करियर की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक देने जा रहे थे, यह फैसला काफी चर्चा में है।

देशभर में अभूतपूर्व सुरक्षा के बीच शुरू हुई परीक्षा

रविवार दोपहर 2 बजे से NEET-UG 2026 री-एग्जाम शुरू हुई, जो शाम 5:15 बजे तक चली। इस बार परीक्षा अवधि को बढ़ाकर 3 घंटे 15 मिनट किया गया है और अभ्यर्थियों को अतिरिक्त 15 मिनट का समय भी दिया गया।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अनुसार, परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई। कुल 5,440 परीक्षा केंद्रों पर लाखों उम्मीदवारों ने परीक्षा दी।

पेपर लीक विवाद के बाद इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सख्त रखी गई। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी, पहचान सत्यापन और इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा उपाय लागू किए गए।

CCTV, जैमर और ड्रोन से निगरानी

NTA ने परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया है। देशभर में 95 हजार से अधिक परीक्षा कक्षों में निगरानी की व्यवस्था की गई।

करीब 1.38 लाख CCTV कैमरों के जरिए राष्ट्रीय, राज्य और शिक्षा मंत्रालय स्तर पर बने कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग की गई। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक धोखाधड़ी रोकने के लिए 51 हजार से अधिक जैमर लगाए गए।

संवेदनशील केंद्रों के आसपास पुलिस, अर्धसैनिक बलों और ड्रोन की मदद से सुरक्षा घेरा भी बनाया गया। अधिकारियों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा हुई परीक्षा

NEET-UG 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। बाद में पेपर लीक से जुड़े आरोपों और जांच के बाद NTA ने परीक्षा रद्द कर दी थी। इस फैसले के बाद लाखों छात्रों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी।

इसके बाद केंद्र सरकार और NTA ने नई सुरक्षा व्यवस्थाओं के साथ 21 जून को पुनर्परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया। इस परीक्षा में लगभग 23 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान है।

NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिए MBBS, BDS, BAMS, BHMS और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिला मिलता है। ऐसे में परीक्षा के दिन छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रधानमंत्री का एयरपोर्ट पर रुकना एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।