एक्टर राजपाल नौरंग यादव को चेक बाउंस से जुड़े सात मामलों में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उन्हें सरेंडर करने से अंतरिम छूट दी, लेकिन इसके साथ एक बड़ी आर्थिक शर्त भी रखी है। कोर्ट ने कहा कि यह राहत तभी लागू होगी, जब राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा राजपाल यादव अगले दिन तक सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा करेंगे। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के सामने दोनों की याचिकाओं का मौखिक रूप से उल्लेख किया गया। इसके बाद कोर्ट ने नोटिस जारी करने का निर्देश दिया और फिलहाल सरेंडर से राहत दे दी।
सात चेक बाउंस मामलों में मिली थी सजा
यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट के 10 जुलाई 2026 के आदेश से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के सात मामलों में राजपाल यादव की दोषसिद्धि को बरकरार रखा था। प्रत्येक मामले में उन्हें तीन महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई गई थी।
हालांकि, हाईकोर्ट ने सभी सातों मामलों की सजा को एक साथ चलाने का निर्देश दिया था। यानी सात मामलों के लिए सजा अलग-अलग जोड़कर लगातार नहीं चलनी थी।
इसके साथ राजपाल यादव को प्रत्येक मामले में शिकायतकर्ता को 1.05 करोड़ रुपये देने का निर्देश भी दिया गया था। इसमें 1,04,75,000 रुपये शिकायतकर्ता के लिए मुआवजे के तौर पर और 25,000 रुपये राज्य को देने थे।
उनकी पत्नी राधा यादव को भी सातों मामलों में से प्रत्येक में शिकायतकर्ता को 5,51,380 रुपये देने का आदेश दिया गया था।
पहले ही दिए जा चुके थे 2.25 करोड़ रुपये
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस बात पर भी गौर किया था कि मामले की कार्यवाही के दौरान 2.25 करोड़ रुपये पहले ही शिकायतकर्ता को दिए जा चुके हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि बाकी जुर्माने और मुआवजे की रकम तय करते समय इस राशि को समायोजित किया जाए।
यानी विवाद में पहले से भुगतान की गई रकम को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। बाकी देनदारी की गणना उसी के हिसाब से की जानी है।
यह पूरा विवाद M/s Murli Projects Pvt Ltd और राजपाल यादव की प्रोडक्शन कंपनी से जुड़े भुगतान के लिए जारी किए गए चेक के कथित तौर पर बाउंस होने से जुड़ा है। चेक बाउंस के मामलों में अदालतों के सामने भुगतान की जिम्मेदारी और उससे जुड़े दंड का सवाल अहम रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने रखी 5 करोड़ रुपये की शर्त
हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को अपने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के लिए दो महीने का समय दिया था। इस दौरान सजा पर रोक भी लगाई गई थी। अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद एक्टर को तत्काल सरेंडर से अंतरिम राहत मिल गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि यह राहत 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त से जुड़ी है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा अगले दिन तक रजिस्ट्री में रकम जमा किए जाने पर उन्हें सरेंडर करने से छूट दी जाती है।
इसका मतलब यह है कि फिलहाल राजपाल यादव को जेल जाकर सरेंडर नहीं करना होगा, लेकिन यह राहत बिना शर्त नहीं है। उन्हें कोर्ट द्वारा तय रकम जमा करनी होगी।
अब अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी। उस दिन सुप्रीम कोर्ट मामले में आगे की दलीलों और रिकॉर्ड पर विचार करेगा। फिलहाल मंगलवार का आदेश राजपाल यादव के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरिम राहत है, लेकिन चेक बाउंस मामलों में उनकी कानूनी स्थिति का अंतिम फैसला अभी बाकी है।



