अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। अब इस मामले में तीन लग्जरी गाड़ियां भी जांच के दायरे में आ गई हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इनमें से कुछ वाहन कथित तौर पर चढ़ावे की चोरी से जुड़े पैसों से खरीदे गए हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला से करीब 13 घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक मारुति ब्रेजा कार बरामद की है। पुलिस के मुताबिक यह सेकेंड हैंड वाहन है और इसे कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) से खरीदा गया हो सकता है। यह कार अविनाश ने अपने भाई के नाम पर खरीदी थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस वाहन का इस्तेमाल चोरी की रकम के लेन-देन में किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस अविनाश को 12 कोसी परिक्रमा मार्ग और कौशलपुरी योग सेंटर भी लेकर गई, लेकिन वहां से नकदी बरामद नहीं हुई। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अन्य आरोपियों की हिरासत लेकर पूछताछ करने की तैयारी भी कर रही है।
जांच में आरोपी अनुकल्प के नाम से जुड़ी दो अन्य गाड़ियां भी सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि उसने हाल ही में एक सफेद डिजायर कार खरीदी थी और उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी। इसके अलावा एक स्कॉर्पियो वाहन भी बुक किया गया था, लेकिन खरीद पूरी होने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी हो गई। पुलिस इन दोनों वाहनों के लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत की जांच कर रही है।
इधर, मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा और गोपाल राव से दूसरी बार पूछताछ की। जांच एजेंसी ने उनसे चल-अचल संपत्तियों का पूरा विवरण, आय के स्रोत और संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। एसआईटी कथित वित्तीय अनियमितताओं, भूमि खरीद, निर्माण कार्यों और संपत्ति में हुई बढ़ोतरी की भी जांच कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ट्रस्ट की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट और वित्तीय अभिलेखों का दोबारा परीक्षण (री-ऑडिट) कराने पर भी विचार कर रही है। इसके अलावा चढ़ावे की नकदी गिनने की प्रक्रिया में शामिल बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि निर्धारित प्रक्रिया में बदलाव क्यों किए गए और सुरक्षा एजेंसी से नकदी गिनने जैसे संवेदनशील कार्य क्यों कराए गए।


