134 सांसदों के समर्थन के साथ श्रीलंका के नए राष्ट्रपति बने रानिल विक्रमसिंघे

134 सांसदों के समर्थन के साथ श्रीलंका के नए राष्ट्रपति बने रानिल विक्रमसिंघे
Ranil wickremesinghe : श्रीलंका में नए राष्ट्रपति का चुनाव संपन्न हो गया है। बुधवार  यानी आज  सांसदों ने प्रधानमंत्री  रानिल विक्रमसिंघे को देश का नया राष्ट्रपति निर्वाचित कर लिया। विक्रमसिंघे के कंधों पर अब देश को अपूतपूर्व सियासी एवं आर्थिक संकट से बाहर निकलने की जिम्मेदारी होगी।
हालांकि, हाल के प्रदर्शनों में लोगों में उनके विरुद्ध  आक्रोस  भी देखने को मिला है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए हुए मतदान में विक्रमसिंघे ने दुल्लास अल्हापेरूमा को परास्त किया । विक्रमसिंघे के पक्ष में 134 सांसदों एवं दुल्लास के समर्थन में 82 सांसदों ने अपना मत दिया ।

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के देश छोड़कर भाग जाने के बाद यह चुनाव कराया गया । गोटाबाया देश छोड़कर पहले मालदीव और फिर वहां से  सिंगापुर के लिए रवाना हो गए । सिंगापुर पहुंचने के बाद उन्होंने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया।

राष्ट्रपति रानिल को कई कठिनाइयों का करना पड़ेगा सामना 

आर्थिक स्थिति बिगड़ जाने पर श्रीलंका ने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया है। देश में महंगाई आसमान छू रही है। खाद्य पदार्थ , दवाएं, पेट्रोल-डीजल जनता के पहुंच से बाहर हैं। विरोध-प्रदर्शन प्रारंभ होने के बाद बीते मई में रानिल को देश का प्रधानमंत्री चुना गया।
PM चुने जाने पर उन्होंने देश की संसद को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीलंका बहुत ही कठिन परिस्थियों का सामना कर रहा है और आगे अभी बहुत सारी चुनौतियों  जूझना पड़ेगा। राष्ट्रपति रानिल के सामने अभी सबसे बड़ी चुनौती देश में सियासी उठापठक को नियंत्रित करने और महंगाई पर लगाम लगाने की होगी।