RTO के चक्कर खत्म! DL और RC से जुड़े 56 नए काम हुए ऑनलाइन, अब घर बैठे होंगे ज्यादातर काम

RTO के चक्कर खत्म! DL और RC से जुड़े 56 नए काम हुए ऑनलाइन, अब घर बैठे होंगे ज्यादातर काम

अगर आपको ड्राइविंग लाइसेंस (DL) या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) से जुड़ा कोई काम करवाना है, तो अब हर बार आरटीओ कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। परिवहन विभाग ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए डीएल और आरसी से जुड़ी 56 नई सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। इसके साथ ही विभाग की पहले से उपलब्ध 49 ऑनलाइन सेवाओं को जोड़कर अब कुल 105 सेवाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हो गई हैं।

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जिन्हें नाम या पता बदलवाने, डुप्लीकेट दस्तावेज बनवाने, एनओसी लेने या अन्य सामान्य कार्यों के लिए बार-बार आरटीओ के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब इनमें से अधिकांश प्रक्रियाएं घर बैठे ऑनलाइन पूरी की जा सकेंगी।

किन कामों के लिए अब RTO जाने की जरूरत नहीं होगी?

नई व्यवस्था के तहत नाम और पता बदलवाना, डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस या आरसी बनवाना, एनओसी (No Objection Certificate) समेत कई अन्य सेवाओं के लिए आवेदन ऑनलाइन किया जा सकेगा।

आवेदक पोर्टल पर ही आवेदन भर सकेंगे, जरूरी दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे और पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन निगरानी भी कर पाएंगे। यानी छोटे-छोटे कामों के लिए अब लंबी लाइन में खड़े होने या बार-बार दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

किन मामलों में अब भी RTO जाना पड़ेगा?

हालांकि सभी सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन नहीं हुई हैं। जिन प्रक्रियाओं में वाहन का भौतिक सत्यापन, फिटनेस टेस्ट, ड्राइविंग टेस्ट या बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी है, उनके लिए आवेदक को आरटीओ कार्यालय में उपस्थित होना पड़ेगा।

यानी जहां व्यक्ति या वाहन की वास्तविक जांच आवश्यक है, वहां ऑफलाइन प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी। बाकी अधिकांश दस्तावेजी काम डिजिटल माध्यम से पूरे किए जा सकेंगे।

95% जनसेवाएं अब फेसलेस और कॉन्टैक्टलेस

परिवहन विभाग के मुताबिक, नई व्यवस्था लागू होने के बाद उसकी करीब 95 प्रतिशत जन-केंद्रित सेवाएं अब फेसलेस और कॉन्टैक्टलेस हो गई हैं। विभाग का कहना है कि इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे, साथ ही सेवाओं में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

अधिकारियों का मानना है कि ऑनलाइन व्यवस्था के विस्तार से आवेदन प्रक्रिया अधिक सरल और समयबद्ध होगी। आवेदक अपने आवेदन की स्थिति खुद देख सकेंगे, जिससे अनावश्यक देरी और भ्रम की स्थिति भी कम होगी।

बिचौलियों पर भी लगेगी रोक

लंबे समय से आरटीओ कार्यालयों में बिचौलियों की सक्रियता और छोटे-छोटे कार्यों के लिए लोगों को कई बार दफ्तर के चक्कर लगाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। परिवहन विभाग का मानना है कि अधिकतर सेवाएं ऑनलाइन होने से इस समस्या पर भी काफी हद तक रोक लगेगी।

अब आवेदक सीधे विभाग के पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे और पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से पूरी होगी। इससे अनधिकृत हस्तक्षेप की संभावना कम होगी और सरकारी सेवाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी।

कुल मिलाकर, परिवहन विभाग का यह कदम डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। खासकर उन लाखों वाहन मालिकों और ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को इसका सीधा फायदा मिलेगा, जिन्हें अब सामान्य कामों के लिए बार-बार आरटीओ कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा।