सीएम बनते ही बदला पता: सम्राट चौधरी अब 1 अणे मार्ग शिफ्ट, 5 देशरत्न मार्ग हुआ ‘एक्सटेंशन’

सीएम बनते ही बदला पता: सम्राट चौधरी अब 1 अणे मार्ग शिफ्ट, 5 देशरत्न मार्ग हुआ ‘एक्सटेंशन’

बिहार की सत्ता में बदलाव के साथ एक अहम प्रशासनिक फैसला भी सामने आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आधिकारिक पता अब बदलने जा रहा है। अब तक वह 5, देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी आवास में रह रहे थे, लेकिन ताजा नोटिफिकेशन के बाद उनका नया ठिकाना 1, अणे मार्ग तय हो गया है। यही वह पता है, जो परंपरागत रूप से बिहार के मुख्यमंत्री का आधिकारिक निवास माना जाता रहा है। यह बदलाव सिर्फ एक एड्रेस अपडेट नहीं है, बल्कि सत्ता के ट्रांजिशन और प्रशासनिक परंपराओं का संकेत भी देता है। आम लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि ऐसे फैसले राज्य की प्रशासनिक संरचना और प्रतीकों को भी प्रभावित करते हैं।

कैसे हुआ यह बदलाव—नोटिफिकेशन में क्या कहा गया

भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी आदेश में साफ किया गया है कि पहले जारी आवंटन आदेश में संशोधन किया गया है। इसके तहत 5, देशरत्न मार्ग स्थित आवास को अब 1, अणे मार्ग का विस्तारित हिस्सा घोषित किया गया है। सीधे शब्दों में कहें तो जो आवास पहले अलग पहचान रखता था, अब वह मुख्यमंत्री निवास का एक्सटेंशन माना जाएगा। सम्राट चौधरी फिलहाल इसी परिसर में रह रहे हैं और अब यही उनका आधिकारिक सीएम आवास बन जाएगा।

नीतीश कुमार के हटने के बाद बदली तस्वीर

इस बदलाव की पृष्ठभूमि भी दिलचस्प है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे और राज्यसभा जाने के बाद 1, अणे मार्ग खाली हो गया था। बाद में उन्हें 7, सर्कुलर रोड स्थित आवास आवंटित किया गया, जहां वह शिफ्ट भी हो चुके हैं। उधर, सम्राट चौधरी को पहले डिप्टी सीएम रहते हुए केंद्रीय पूल से 5, देशरत्न मार्ग आवंटित हुआ था। अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उसी आवास को अपग्रेड कर 1, अणे मार्ग का हिस्सा बना दिया गया है। यह एक तरह से प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की कोशिश भी मानी जा रही है।

इस बंगले का ‘रिकॉर्ड’—और सम्राट का अलग मुकाम

5, देशरत्न मार्ग का इतिहास भी कम दिलचस्प नहीं है। इस आवास में पहले कई डिप्टी सीएम रह चुके हैं, जिनमें तेजस्वी यादव, सुशील कुमार मोदी और तार किशोर प्रसाद शामिल हैं। लेकिन खास बात यह रही कि इनमें से कोई भी डिप्टी सीएम रहते हुए मुख्यमंत्री नहीं बन पाया। इस लिहाज से सम्राट चौधरी इस ट्रेंड को तोड़ने वाले पहले नेता बन गए हैं। वह इस आवास में रहते हुए डिप्टी सीएम से सीएम पद तक पहुंचे हैं, जो इसे राजनीतिक तौर पर ‘लकी’ एड्रेस बना देता है।

पहली बार बदली परंपरा—1 अणे मार्ग का नया रोल

बिहार की राजनीति में शायद यह पहली बार है जब 1, अणे मार्ग का पारंपरिक स्वरूप बदला हुआ दिख रहा है। पहले यह सीधा मुख्यमंत्री का निवास होता था, लेकिन अब इसका स्वरूप विस्तारित परिसर के रूप में सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि सत्ता परिवर्तन के साथ सिर्फ चेहरे ही नहीं बदलते, बल्कि प्रशासनिक ढांचे और प्रतीक भी नए रूप लेते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नया सेटअप किस तरह काम करता है और क्या यह भविष्य में भी एक मॉडल बनता है।