राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे सावरकर मानहानि मामले में मंगलवार को पुणे की स्पेशल MP/MLA कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। सावरकर के पोते सत्याकी सावरकर ने अदालत में दावा किया कि विनायक दामोदर सावरकर को राहुल गांधी ने लंदन के एक भाषण में मुसलमानों का ‘कट्टर विरोधी’ और भीड़ द्वारा हिंसा करने वाला व्यक्ति बताकर बदनाम किया। सत्याकी ने कहा कि उनके दादा मुसलमानों से नफरत नहीं करते थे, बल्कि अपनी लेखनी में उनके विकास और तरक्की से जुड़े विचार भी रखते थे। मामले में राहुल गांधी के वकील मिलिंद पवार सत्याकी से जिरह कर रहे हैं। अब अगली सुनवाई 3 सितंबर को होगी।
राहुल गांधी के भाषण में किस बात पर उठाया सवाल?
यह मामला राहुल गांधी के लंदन में दिए गए एक भाषण से जुड़ा है। सत्याकी सावरकर ने इसी भाषण को आधार बनाकर राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है।
मंगलवार की सुनवाई में जब सत्याकी से पूछा गया कि भाषण में उन्हें कौन-सी बात मानहानिकारक लगी, तो उन्होंने एक विशेष हिस्से का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, राहुल गांधी ने सावरकर की लिखी एक किताब से एक घटना पढ़ी थी। इस घटना में सावरकर और उनके कुछ साथियों द्वारा एक मुस्लिम व्यक्ति के साथ मारपीट किए जाने का कथित जिक्र था।
सत्याकी का कहना है कि इस हिस्से को जिस तरीके से पेश किया गया, उससे सावरकर की छवि मुसलमानों के ‘कट्टर विरोधी’ और ‘मॉब लिंचर’ के तौर पर बनाई गई। उन्होंने अदालत में इस दावे से असहमति जताई कि सावरकर मुसलमानों से नफरत करते थे।
अंडमान की मूर्ति और RSS को लेकर भी सवाल
जिरह के दौरान सावरकर की विचारधारा और RSS से जुड़े सवाल भी सामने आए। सत्याकी ने माना कि 12 दिसंबर 2025 को RSS प्रमुख मोहन भागवत और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अंडमान में सावरकर की मूर्ति का अनावरण किया था।
हालांकि, उन्होंने कहा कि उनके परिवार को इस कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी और मूर्ति के अनावरण के लिए परिवार से अनुमति भी नहीं ली गई थी। RSS सावरकर की विचारधारा को मानता है या नहीं, इस सवाल पर भी सत्याकी ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
सत्याकी ने यह भी स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 जुलाई 2024 को संसद में सावरकर को कथित तौर पर बदनाम किए जाने से जुड़े राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मामले का उल्लेख किया था।
गोपाल गोडसे का इंटरव्यू भी बनेगा रिकॉर्ड का हिस्सा
सुनवाई के दौरान अदालत ने राहुल गांधी के वकील मिलिंद पवार को गोपाल गोडसे के वीडियो इंटरव्यू और उसके ट्रांसक्रिप्ट को रिकॉर्ड पर लाने की अनुमति दी। गोपाल गोडसे, सत्याकी सावरकर के नाना और नाथूराम गोडसे के बड़े भाई थे।
रिकॉर्ड में शामिल इंटरव्यू के मुताबिक, गोपाल गोडसे ने RSS और हिंदू महासभा के बीच राजनीतिक-संगठनात्मक संबंधों को लेकर अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि RSS ने आगे चलकर हिंदू महासभा को अपने प्रभाव और गतिविधियों के क्षेत्र में प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखना शुरू कर दिया था।
इंटरव्यू में गोपाल गोडसे ने नाथूराम गोडसे के RSS से संबंध होने का भी दावा किया था। साथ ही उन्होंने कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या RSS के एजेंडे या उसकी कार्ययोजना का हिस्सा नहीं थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि गांधी हत्या के बाद RSS ने वह मजबूत रुख नहीं अपनाया, जो उनके अनुसार उसे अपनाना चाहिए था।
मामला अभी बाकी, 3 सितंबर को फिर होगी बहस
इस पूरे मामले में अब अदालत के सामने अलग-अलग दावों और पुराने बयानों की पड़ताल जारी है। एक तरफ सत्याकी सावरकर अपने दादा की छवि को लेकर राहुल गांधी के बयान को मानहानिकारक बता रहे हैं। दूसरी तरफ राहुल गांधी की ओर से उनके वकील जिरह के जरिए मामले से जुड़े तथ्यों और दावों पर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल अदालत ने मामले में अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। Satyaki Savarkar vs Rahul Gandhi मामले में बहस 3 सितंबर को आगे जारी रहेगी। उस दिन की सुनवाई में यह देखना अहम होगा कि जिरह के दौरान कौन-से नए तथ्य या दस्तावेज अदालत के सामने रखे जाते हैं।


