SCBA Election 2026: प्रदीप राय की बड़ी जीत, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के नए प्रेसिडेंट बने

SCBA Election 2026: प्रदीप राय की बड़ी जीत, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के नए प्रेसिडेंट बने

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के 2026-27 सत्र के चुनाव में सीनियर एडवोकेट प्रदीप राय ने निर्णायक जीत दर्ज करते हुए प्रेसिडेंट पद अपने नाम कर लिया है। उन्होंने इस मुकाबले में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अनुपम लाल दास को बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया। यह चुनाव सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वकीलों के कल्याण, मेडिकल सुरक्षा और चुनावी सुधार जैसे अहम मुद्दों की वजह से भी चर्चा में रहा।

प्रदीप राय अब 2025-26 के प्रेसिडेंट सीनियर एडवोकेट विकास सिंह से पदभार संभालेंगे। पिछले साल भी उन्होंने इसी पद के लिए चुनाव लड़ा था, लेकिन तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस बार उन्होंने वापसी करते हुए जीत हासिल की।

822 वोट के साथ मिली जीत, कई बड़े नाम रहे मैदान में

SCBA चुनाव में प्रदीप राय को कुल 822 वोट मिले, जो बाकी सभी उम्मीदवारों से काफी अधिक रहे। उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी सीनियर एडवोकेट अनुपम लाल दास को 451 वोट मिले।

इसके अलावा चुनावी मुकाबले में कई चर्चित नाम शामिल रहे। सीनियर एडवोकेट आदिश अग्रवाल को 412 वोट, गौरव भाटिया को 370 वोट, सुकुमार पट्टजोशी को 269 वोट, सिद्धार्थ मृदुल को 217 वोट और महालक्ष्मी पावनी को 128 वोट मिले।

शुरुआती आंकड़ों के अनुसार इस चुनाव में करीब 2,794 वोट डाले गए और मतदान प्रतिशत लगभग 82% रहा। यह आंकड़ा बताता है कि SCBA के सदस्यों ने चुनाव में सक्रिय भागीदारी दिखाई।

बहस में उठाए थे वकीलों के हित के बड़े मुद्दे

चुनाव प्रचार के दौरान प्रदीप राय ने कई ऐसे मुद्दे उठाए, जो सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों से जुड़े हैं। उन्होंने अदालत में लागू सीक्वेंसिंग सिस्टम को खत्म करने का समर्थन किया और कहा कि वकीलों के लिए अधिक सुविधाजनक व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।

उन्होंने सदस्यों के लिए 50 लाख रुपये तक का मेडिकल सुरक्षा कवर देने का वादा किया। इसके साथ ही SCBA सदस्यों के बच्चों के लिए मेरिट के आधार पर स्कॉलरशिप शुरू करने की प्रतिबद्धता भी जताई। इन वादों को चुनाव के दौरान उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं के तौर पर देखा गया।

पिछली हार के बाद इस बार मिली जीत

प्रदीप राय के लिए यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि पिछले साल वे इसी पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे थे। उस समय उनका मुकाबला आदिश अग्रवाल और विकास सिंह से था, लेकिन जीत विकास सिंह के खाते में गई थी। अब उन्होंने दूसरी कोशिश में प्रेसिडेंट पद हासिल कर लिया।

विकास सिंह से पहले इस प्रतिष्ठित पद पर सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल भी रह चुके हैं। ऐसे में SCBA का नेतृत्व हमेशा देश के प्रमुख कानूनी चेहरों के हाथों में रहा है।

चुनाव प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट की भी रही नजर

इस बार का चुनाव सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में तय समय-सीमा के भीतर कराने पर भी विशेष जोर रहा। अप्रैल में अदालत ने चुनाव समिति को निर्देश दिया था कि चुनाव प्रक्रिया, जिसमें नतीजों की घोषणा भी शामिल है, निर्धारित समय के भीतर पूरी की जाए।

साथ ही कोर्ट ने SCBA में चुनावी सुधार लागू करने के निर्देश दिए थे। हालांकि बाद में इन सुधारों को 2027 तक टालने का फैसला किया गया। अदालत ने चुनाव को अगस्त के मध्य में कराने का भी निर्देश दिया था, जिसके बाद तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान और परिणाम की प्रक्रिया पूरी हुई।

अब प्रदीप राय के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी चुनाव के दौरान किए गए वादों को अमल में लाने और वकीलों के हित से जुड़े मुद्दों पर काम करने की होगी। उनकी जीत को SCBA के नए नेतृत्व की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।