टीम इंडिया की फील्डिंग पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- औसत फील्डर को टीम से बाहर करो

टीम इंडिया की फील्डिंग पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- औसत फील्डर को टीम से बाहर करो

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया की फील्डिंग पर कड़ी नाराजगी जताते हुए चयनकर्ताओं को बड़ा सुझाव दिया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत की जीत के बावजूद उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर औसत फील्डिंग करने वाले खिलाड़ियों के लिए टीम में जगह नहीं होनी चाहिए। उनका मानना है कि कप्तान मैदान पर तीन-चार कमजोर फील्डरों को छिपाकर मैच नहीं जिता सकता।

स्पोर्टस्टार के लिए लिखे अपने कॉलम में गावस्कर ने कहा कि यदि कोई खिलाड़ी लगातार औसत फील्डिंग कर रहा है तो उसे टीम से बाहर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक क्रिकेट में फील्डिंग उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी। एक खराब कैच या मिसफील्ड मैच का रुख बदल सकती है और कप्तान हर गेंद पर यह उम्मीद नहीं कर सकता कि गेंद कमजोर फील्डर के पास नहीं जाएगी।

गावस्कर ने भारतीय बल्लेबाजों के शॉट सिलेक्शन और गेम अवेयरनेस पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों को अपनी छवि के हिसाब से नहीं, बल्कि गेंद की गुणवत्ता के अनुसार खेलना चाहिए। उनके मुताबिक टी20 क्रिकेट में आक्रामक खेल जरूरी है, लेकिन वनडे में परिस्थितियों के अनुसार धैर्य और समझदारी दिखाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

पूर्व दिग्गज ने सलाह दी कि बल्लेबाजों को विपक्षी टीम के उन गेंदबाजों की पहचान करनी चाहिए जिनके खिलाफ रन बनाए जा सकते हैं, जबकि बेहतर गेंदबाजों के ओवर संभलकर खेलने चाहिए। उन्होंने कहा कि हर टीम में कुछ ऐसे गेंदबाज होते हैं जिन पर दबाव बनाया जा सकता है और स्मार्ट क्रिकेट का मतलब सही समय पर सही गेंदबाज को निशाना बनाना है।

हाल के दौर में इंग्लैंड दौरे और अन्य सीमित ओवरों की सीरीज में भारतीय टीम की फील्डिंग और बल्लेबाजी को लेकर लगातार सवाल उठे हैं। ऐसे में सुनील गावस्कर की यह टिप्पणी चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के लिए एक अहम संदेश मानी जा रही है।