Friday, April 4, 2025

तमिलनाडु: जल्लीकट्टू खेल के दौरान 19 जख्मी, 11 अस्पताल में दाखिल, बैल पकड़ने के दौरान हुआ हादसा

मकर संक्रांति का त्योहार देश में विभिन्न तरीकों के नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। दक्षिण भारत में इसे पोंगल के नाम से जाना जाता हैं। ये पर्व 4 दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान जल्ली कट्टू खेल का आयोजन भी किया जाता है। जल्‍लीकट्टू तमिल नाडु के ग्रामीण क्षेत्रों का एक परंपरागत खेल है जो हर वर्ष पोंगल त्यौहार पर आयोजित होता है। जल्‍लीकट्टू खेल में सभी सावधानियां बरतने के बाद भी कई लोग जख्मी हो गए हैंं। अवनियापुरम में जल्लीकट्टू आयोजन में 19 लोग जख्मी हो गए और 11 लोगों को आगे के उपचार के लिए मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।

जल्लीकट्टू खेल में बैलों से इंसानों का युद्ध होता है। जल्लीकट्टू को तमिलनाडु के गौरव तथा संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी जल्लीकट्टू खेल आयोजित किया गया है। इस खेल में सावधानी बरतने पर भी बौलों से लड़ाई होने पर कई लोग बुरी तरह से जख्मी हो जाते हैं। हालांकि इस वर्ष भी जल्लीकट्टू खेल के दौरान तमिलनाडु सरकार और सर्वोच्च न्यायालय ने विशेष दिशा निर्देशों का अनुपालन करने के लिए कहा है। लेकिन इसके बाद भी आयोजन में 19 लोग जख्मी हो गए हैं।

तमिलनाडु के मदुरै डिस्ट्रिक कलेक्टर अनीश शेखर ने जल्लीकट्टू खेल में खिलाड़ियों की सुरक्षा और विशेष दिशा- निर्देशों का निरीक्षण किया था। जिला कलेक्टर अनीश शेखर ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम जल्लीकट्टू खेल के दौरान एतिहात से सभी दिशा निर्देशों का पालन हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम सर्वोच्च न्यायालय के साथ-साथ तमिलनाडु सरकार के सभी नियमों का पालन करेंगे। खेल के दौरान किसी भी बड़ा हादसा या अनहोनी से बचने के लिए अवनियापुरम में उच्च न्यायालय ने भी गाइडलाइन जारी किया हैं। अनीश शेखर ने बताया कि खेल में मात्र 25 खिलाड़ी ही एक समय में हिस्सा लेंगे।

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