यूपी विधानसभा में बड़ा बवाल! सपा विधायक पर स्पीकर का सख्त एक्शन, सदस्यता खत्म करने तक की दी चेतावनी

यूपी विधानसभा में बड़ा बवाल! सपा विधायक पर स्पीकर का सख्त एक्शन, सदस्यता खत्म करने तक की दी चेतावनी

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने सदन के भीतर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सपा विधायक सचिन यादव के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने यह तक कह दिया कि विधायक की सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा। दूसरी ओर, हंगामे के बीच सरकार ने करीब 59 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट भी सदन में पेश कर दिया।

विवादित पोस्टर बना टकराव की बड़ी वजह

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के विधायक राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण समेत कई मुद्दों को लेकर वेल में पहुंच गए। विपक्षी विधायक लगातार नारेबाजी करते रहे, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई।

इसी दौरान सपा विधायक सचिन यादव एक विवादित पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इसे सदन की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सदन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि सचिन यादव तुरंत सदन से बाहर जाएं और यदि इस तरह का व्यवहार जारी रहा तो उनकी सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा।

इसके बाद अध्यक्ष ने सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित करने की घोषणा कर दी। इस फैसले के बाद सदन का माहौल और अधिक गरमा गया।

हंगामे के बीच सरकार ने पेश किया 59 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट

लगातार विरोध और शोर-शराबे के बावजूद सरकार ने अपना विधायी काम जारी रखा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में करीब 59 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। हालांकि विपक्ष के विरोध के कारण बजट पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी।

सदन में लगातार हंगामे की वजह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपना पूरा संबोधन नहीं दे सके। उनका भाषण बीच में ही बाधित हो गया। सरकार की ओर से यह संदेश दिया गया कि विपक्ष के विरोध के बावजूद महत्वपूर्ण वित्तीय और विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने की कोशिश जारी रहेगी।

सीएम योगी ने विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष बहस के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित करने का रास्ता अपना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा का समय प्रदेश की 25 करोड़ जनता से जुड़ा होता है और बार-बार हंगामा कर उसे बर्बाद करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के हित में नहीं है। उनके मुताबिक, सदन का एजेंडा पहले से तय था, लेकिन विपक्ष ने उस पर चर्चा करने में कोई रुचि नहीं दिखाई और लगातार व्यवधान पैदा किया।

अब आगे क्या होगा?

लगातार हंगामे और नारेबाजी के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया। अब अगले दिन सदन की बैठक में अनुपूरक बजट सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

फिलहाल विधानसभा के भीतर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है। एक ओर विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा मामले सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी ओर सरकार का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। ऐसे में मानसून सत्र के बाकी दिनों में भी राजनीतिक माहौल गर्म रहने के संकेत मिल रहे हैं।

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