उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए सरकारी योजनाओं का ढांचा तेजी से डिजिटल हो रहा है। योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि अब पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और अन्य कृषि से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने के लिए Farmer Registry अनिवार्य होगी। इसका मतलब यह है कि अगर किसान रजिस्ट्री में शामिल नहीं हैं, तो भविष्य में कई योजनाओं का फायदा मिलना मुश्किल हो सकता है।
सरकार इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाने जा रही है, ताकि कोई भी पात्र किसान इस सिस्टम से बाहर न रह जाए।
हर किसान को मिलेगा Farmer ID, सिस्टम होगा पूरी तरह डिजिटल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि हर पात्र किसान को Farmer Identity Card जारी किया जाए। इससे न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि योजनाओं का लाभ सीधे और बिना देरी के किसानों तक पहुंच सकेगा।
सरकार का लक्ष्य है कि 1 मई 2026 तक Farmer Registry पोर्टल पूरी तरह सक्रिय हो जाए। इसके बाद 31 मई तक सभी संबंधित विभागों को Farmer ID के आधार पर काम करने के लिए तैयार किया जाएगा। इससे लाभार्थियों की पहचान और भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह एकीकृत हो जाएगी।
कई विभाग जुड़े, एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगा लाभ
इस नई व्यवस्था की खास बात यह है कि सिर्फ कृषि ही नहीं, बल्कि बागवानी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और लघु सिंचाई जैसे विभागों को भी Farmer Registry से जोड़ा जा रहा है।
इसका सीधा फायदा यह होगा कि किसान को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही प्लेटफॉर्म से सभी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
75% किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन, कुछ जिले अभी पीछे
सरकारी पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक करीब 75 प्रतिशत किसानों ने Farmer Registry में अपना नाम दर्ज करा लिया है। आजमगढ़, बलिया, महराजगंज, मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिले इस मामले में आगे हैं।
वहीं गौतमबुद्ध नगर, बागपत, मैनपुरी, कौशांबी और श्रावस्ती जैसे जिले अभी पीछे चल रहे हैं, जहां रजिस्ट्रेशन की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत है।
कैसे करें रजिस्ट्रेशन: प्रक्रिया आसान, दस्तावेज जरूरी
Farmer Registry एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां किसान अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और जमीन से जुड़े दस्तावेज जरूरी हैं।
किसान आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक डिटेल और भूमि का विवरण भर सकते हैं। इसके बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड कर OTP के जरिए सत्यापन करना होता है। सत्यापन के बाद रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाता है और किसान योजनाओं के लिए पात्र हो जाता है।
अगर किसी किसान के रिकॉर्ड में गलती है, तो उसे आधार से लिंक कर सुधारने की भी व्यवस्था की गई है, ताकि किसी की किस्त या लाभ न रुके।
यह पहल किसानों के लिए सुविधाजनक जरूर है, लेकिन समय रहते रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी हो गया है। आने वाले समय में यही Farmer ID सरकारी योजनाओं का मुख्य आधार बनने जा रही है।


