उत्तर प्रदेश में शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता को लेकर सरकार की उपलब्धियां सामने रखीं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 50 फीसदी से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं, जबकि महिला कार्यबल की भागीदारी 12 फीसदी से बढ़कर 36 फीसदी से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में महिलाओं के लिए अवसर बढ़े हैं और अब बेटियां उद्योग, कारोबार और रोजगार के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए महिला सशक्तीकरण से जुड़ी कई योजनाओं का भी जिक्र किया।
नवरात्रि पर CM योगी का संदेश, महिला उद्यमियों को लेकर किया बड़ा दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को नवरात्रि के पहले दिन प्रदेश की महिलाओं को लेकर अपनी सरकार का दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि सरकार नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है।
योगी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 50 फीसदी से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। यह आंकड़ा महिला उद्यमिता और कारोबार में उनकी बढ़ती भूमिका को दर्शाने के लिए पेश किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को केवल परिवार तक सीमित रखने के बजाय उन्हें आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी के अधिक अवसर मिलने चाहिए। स्टार्टअप्स और उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की मौजूदगी बढ़ने से रोजगार के नए अवसर तैयार होने की संभावना भी रहती है।
हालांकि, स्टार्टअप्स में महिलाओं के नेतृत्व से जुड़े इस दावे के साथ विस्तृत आंकड़े या स्वतंत्र रिपोर्ट का हवाला नहीं दिया गया है। इसलिए इसे मुख्यमंत्री की ओर से साझा किए गए सरकारी दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।
महिला कार्यबल की भागीदारी 12% से बढ़कर 36% से ज्यादा होने का दावा
योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में महिला कार्यबल की भागीदारी बढ़ने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह भागीदारी पहले 12 फीसदी थी, जो अब बढ़कर 36 फीसदी से अधिक हो गई है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह बदलाव महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास और उनके लिए खुल रहे नए अवसरों का संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में अब महिलाएं नाइट शिफ्ट में काम कर रही हैं और आर्थिक गतिविधियों में योगदान दे रही हैं।
महिलाओं की रोजगार में भागीदारी बढ़ना परिवारों और राज्य की अर्थव्यवस्था, दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। इससे महिलाओं की आय, आर्थिक स्वतंत्रता और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूती मिल सकती है।
हालांकि, रोजगार में भागीदारी के आंकड़ों का वास्तविक अर्थ समझने के लिए यह देखना भी जरूरी है कि महिलाओं को किस तरह के रोजगार मिल रहे हैं, उनकी आय कितनी है और कार्यस्थलों पर सुरक्षा तथा सुविधाओं की स्थिति कैसी है।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में सुरक्षा को भी अहम मुद्दा बताया। उनका कहना था कि महिलाओं को पढ़ाई, नौकरी और कारोबार के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कन्या सुमंगला से मिशन शक्ति तक, इन योजनाओं का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बेटियों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं को भी अपनी सरकार की उपलब्धियों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि माताओं के स्वास्थ्य से लेकर बेटियों की शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा तक कई योजनाएं काम कर रही हैं।
इनमें प्रमुख योजनाएं और पहलें शामिल हैं:
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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: गर्भवती महिलाओं और मातृत्व से जुड़ी जरूरतों के लिए सहायता उपलब्ध कराने की योजना।
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पोषण अभियान: माताओं और बच्चों के पोषण में सुधार पर केंद्रित पहल।
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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना: बेटियों के जीवन के विभिन्न चरणों में आर्थिक सहायता देने की योजना।
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सुकन्या समृद्धि योजना: बेटियों के भविष्य के लिए बचत को प्रोत्साहित करने वाली योजना।
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मिशन शक्ति: महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण से जुड़ी पहल।
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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय: बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने वाली व्यवस्था।
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सेफ सिटी पहल: शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा बेहतर करने पर केंद्रित प्रयास।
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रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और वर्किंग वुमन हॉस्टल: महिलाओं की गतिशीलता और कामकाजी जीवन को सुविधाजनक बनाने से जुड़ी पहलों का जिक्र।
योगी ने कहा कि इन योजनाओं के जरिए महिलाओं के लिए शिक्षा, सुरक्षा, आवागमन और आत्मनिर्भरता के रास्ते मजबूत किए जा रहे हैं।
आम परिवारों के लिए ऐसी योजनाओं की उपयोगिता इस बात से तय होती है कि पात्र महिलाओं को उनका लाभ कितनी आसानी से मिलता है। जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और समय पर सहायता उपलब्ध होना भी उतना ही जरूरी है।
‘सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के जरिए विकसित भारत का लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में संस्कृत के प्रसिद्ध वाक्य ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ का उल्लेख किया। इसका भाव है कि जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास माना जाता है।
उन्होंने कहा कि सरकार इसी भावना के साथ महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उनके मुताबिक, सशक्त महिलाओं के बिना समृद्ध उत्तर प्रदेश और विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल है।
नवरात्रि के दौरान शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की पूजा की जाती है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने इस अवसर को महिलाओं की उपलब्धियों और उनके सशक्तीकरण से जोड़ते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
कुल मिलाकर, योगी आदित्यनाथ का संदेश महिला उद्यमिता, रोजगार और सरकारी योजनाओं पर केंद्रित रहा। अब इन दावों की अहम कसौटी यह होगी कि महिलाओं को रोजगार के बेहतर अवसर, सुरक्षित कार्यस्थल, कारोबार के लिए जरूरी संसाधन और योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर कितना मिल रहा है।



