• ख़बरें
    • विदेश
    • देश
    • प्रदेश
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखंड
  • मनोरंजन
  • आस्था
  • नौकरी
  • गैजेट
  • जरा हटके
  • सोशल नामा
Search
Thursday, September 17, 2026
Sign in
Welcome! Log into your account
Forgot your password? Get help
Privacy Policy
Password recovery
Recover your password
A password will be e-mailed to you.
https://rajsattaexpress.com
  • ख़बरें
    • विदेश
    • देश
    • प्रदेश
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखंड
  • मनोरंजन
  • आस्था
  • नौकरी
  • गैजेट
  • जरा हटके
  • सोशल नामा

UPI पर MDR का नया खेल, Paytm से Pine Labs तक इन कंपनियों पर नजर, शेयर बाजार में क्यों बढ़ी हलचल?

By
Rajsatta Express
-
September 17, 2026
Facebook
X
Pinterest
WhatsApp
    UPI पर MDR का नया खेल, Paytm से Pine Labs तक इन कंपनियों पर नजर, शेयर बाजार में क्यों बढ़ी हलचल?

    UPI से पेमेंट करना आम जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। चाय की दुकान से लेकर बड़े मर्चेंट तक, QR कोड स्कैन करके भुगतान अब रोजमर्रा की आदत है। ऐसे में UPI से जुड़े शुल्क ढांचे में बदलाव का असर सिर्फ पेमेंट कंपनियों तक सीमित नहीं रह सकता। इसका असर बैंकों, फिनटेक कंपनियों और शेयर बाजार पर भी दिखाई दे सकता है। सरकार की ओर से 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी तक MDR का ढांचा लाने के बाद निवेशकों की नजर उन कंपनियों पर टिक गई है, जो डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में सीधे तौर पर काम करती हैं।

    अब तक UPI पर मर्चेंट से शुल्क नहीं लिया जाता था। इसके कारण इस पूरे सिस्टम की लागत का बड़ा हिस्सा बैंकों और सरकार पर रहता था। लेकिन ट्रांजैक्शन का पैमाना लगातार बढ़ने के साथ सर्वर, साइबर सिक्योरिटी और तकनीकी ढांचे पर होने वाला खर्च भी महत्वपूर्ण हो गया है। नए राजस्व मॉडल के बाद बाजार में यह चर्चा तेज है कि पेमेंट कंपनियों और संबंधित बैंकों की कमाई में आगे क्या बदलाव आ सकता है।

    नए MDR मॉडल से किन कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद?

    एआर वेल्थ रिसर्च के संस्थापक पार्टनर लोकेश सेठिया के मुताबिक, UPI के नए रेवेन्यू-शेयरिंग मॉडल में बैंक और मर्चेंट से जुड़ी सेवाएं देने वाली कंपनियों की भूमिका अहम होगी। उनके अनुसार Paytm, Yes Bank और Pine Labs जैसी कंपनियां इस बदलाव से लाभ की स्थिति में आ सकती हैं।

    तर्क यह है कि बड़े पैमाने पर डिजिटल ट्रांजैक्शन संभालने वाली कंपनियों के लिए अब एक अतिरिक्त आय का रास्ता खुल सकता है। शुरुआत में इसका असर सीमित दिखाई दे सकता है, लेकिन लंबे समय में बड़े ट्रांजैक्शन वॉल्यूम वाली संस्थाओं के लिए यह महत्वपूर्ण बन सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, कुछ बैंकों के PBT और PAT में 5 से 10 फीसदी तक की संभावित बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि यह एक अनुमान है और वास्तविक असर ट्रांजैक्शन वॉल्यूम, राजस्व हिस्सेदारी और शुल्क व्यवस्था के लागू होने के तरीके पर निर्भर करेगा।

    Paytm में तेजी ने क्यों खींचा निवेशकों का ध्यान?

    UPI MDR की घोषणा के बाद Paytm की मूल कंपनी One97 Communications के शेयरों में तेज हलचल देखने को मिली। बुधवार के कारोबार में शेयर 7 फीसदी से ज्यादा चढ़ा और 52 हफ्तों के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया।

    कारोबार के दौरान शेयर 7.2 फीसदी उछलकर 1,856.50 रुपये तक पहुंचा। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 में दर्ज 52 हफ्तों के निचले स्तर 947.10 रुपये की तुलना में यह करीब 96 फीसदी ऊपर था।

    बाजार में यह तेजी इस उम्मीद से जोड़ी जा रही है कि MDR व्यवस्था से Paytm के मर्चेंट कारोबार के लिए अतिरिक्त राजस्व का रास्ता खुल सकता है। Pine Labs को लेकर भी विश्लेषकों का रुख सकारात्मक बताया गया है, हालांकि उसके शेयर में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली।

    सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट मुदित गोयल के अनुसार, फिनटेक कंपनियों में खास तौर पर Paytm को लेकर बाजार की धारणा सकारात्मक हुई है। उनका कहना है कि मर्चेंट बिजनेस से अतिरिक्त आय की संभावना कंपनी के बिजनेस मॉडल को मजबूत कर सकती है।

    पेमेंट एग्रीगेटर्स के लिए बन सकता है बड़ा राजस्व पूल

    इस बदलाव का एक बड़ा असर उन कंपनियों पर पड़ सकता है जो Point-of-Sale यानी POS और QR आधारित पेमेंट इकोसिस्टम में काम करती हैं। सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट राजेश शर्मा के मुताबिक, ऐसी कंपनियों को MDR व्यवस्था से फायदा मिल सकता है।

    इसी दिशा में Jefferies और Bernstein जैसी ब्रोकरेज फर्मों के अनुमान का भी जिक्र किया गया है। इनके मुताबिक, नए शुल्क ढांचे से पेमेंट इंडस्ट्री के लिए सालाना करीब 22,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त राजस्व पूल तैयार हो सकता है।

    हालांकि यह अनुमान पूरे पेमेंट उद्योग के संभावित राजस्व पूल से जुड़ा है। इसका मतलब यह नहीं है कि पूरी रकम किसी एक कंपनी की कमाई बनेगी। अलग-अलग कंपनियों को मिलने वाला फायदा उनके कारोबार, बाजार हिस्सेदारी और राजस्व-साझेदारी की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

    आम UPI यूजर पर क्या होगा असर?

    सबसे अहम बात यह है कि MDR का प्रस्तावित ढांचा मुख्य रूप से मर्चेंट ट्रांजैक्शन से जुड़ा है। इसलिए इसका सीधा मतलब यह नहीं है कि हर बार UPI से भुगतान करने वाले ग्राहक से अलग से शुल्क लिया जाएगा। आम यूजर के लिए UPI की लागत और मर्चेंट पक्ष पर लागू शुल्क को अलग-अलग समझना जरूरी है।

    बाजार के नजरिए से देखें तो असली बदलाव उन कंपनियों के लिए हो सकता है जिनका कारोबार डिजिटल पेमेंट के बड़े नेटवर्क पर निर्भर है। अगर MDR से स्थायी राजस्व मॉडल बनता है, तो इससे पेमेंट कंपनियों और संबंधित वित्तीय संस्थानों की कमाई की संरचना बदल सकती है।

    फिलहाल शेयर बाजार में Paytm, Pine Labs और संबंधित बैंकिंग एवं पेमेंट कंपनियों को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। लेकिन किसी शेयर में निवेश का फैसला केवल MDR की खबर के आधार पर करना पर्याप्त नहीं होगा। कंपनी की वैल्यूएशन, कमाई, नकदी प्रवाह, प्रतिस्पर्धा और बाजार की स्थिति जैसे दूसरे पहलुओं को भी देखना जरूरी है।

     

    • TAGS
    • Fintech Stocks India
    • Paytm Share Price
    • Pine Labs Share
    • Share Market News
    • UPI MDR Charges
    • UPI Payment News
    • Yes Bank Stock
    Facebook
    X
    Pinterest
    WhatsApp
      Previous articleजयपुर में री-पोलिंग का रिजल्ट आया, चारों वार्ड कांग्रेस के खाते में, नगर निगम का फाइनल गणित भी बदला
      Rajsatta Express

      RELATED ARTICLESMORE FROM AUTHOR

      जयपुर में री-पोलिंग का रिजल्ट आया, चारों वार्ड कांग्रेस के खाते में, नगर निगम का फाइनल गणित भी बदला

      NCERT की किताब में ‘चंदा मामा’ कविता की एक लाइन पर बवाल, कथित आपत्तिजनक शब्द को लेकर हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

      यूपी के इन 10 जिलों में 10 साल में पलट गया सीटों का गणित, 88 सीटों ने बदली पूरी तस्वीर

      ABOUT US
      राजसत्ता एक्सप्रेस की यात्रा साप्ताहिक समाचार पत्र के रूप में छह वर्ष पूर्व उत्तराखंड से शुरू हुई थी। सार्थक भूमिका निभाते हुए राजसत्ता एक्सप्रेस अपना विस्तार करके उत्तर प्रदेश पहुंच चुका है। यह वेब पोर्टल और वेब चैनल किसी भी अन्य मीडिया संस्थान की तरह उसी राह पर चलने की कोशिश है जो वक़्त की मांग है।
      Contact us: [email protected]
      • Privacy Policy
      • Term & Conditions
      • About
      © 2025 [email protected] All rights reserved.
      MORE STORIES

      जयपुर में री-पोलिंग का रिजल्ट आया, चारों वार्ड कांग्रेस के खाते...

      Rajsatta Express - September 17, 2026 0

      NCERT की किताब में ‘चंदा मामा’ कविता की एक लाइन पर...

      Rajsatta Express - September 17, 2026 0

      यूपी के इन 10 जिलों में 10 साल में पलट गया...

      Rajsatta Express - September 17, 2026 0