‘पीएम मोदी, मुकेश अंबानी और गौतम अडानी भारत को बना रहे आर्थिक महाशक्ति’, अमेरिका के मीडिया हाउस सीएनएन ने रिपोर्ट में कहा

‘पीएम मोदी, मुकेश अंबानी और गौतम अडानी भारत को बना रहे आर्थिक महाशक्ति’, अमेरिका के मीडिया हाउस सीएनएन ने रिपोर्ट में कहा

वॉशिंगटन। राहुल गांधी और विपक्ष के नेता लगातार आरोप लगाते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार दो बड़े कारोबारियों मुकेश अंबानी और गौतम अडानी का फेवर करते हैं। वहीं, अमेरिका के मीडिया हाउस सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत 21वीं सदी की आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में ये भी कहा है कि चीन के विकल्प के तौर पर भारत उभर रहा है। मीडिया हाउस ने अपनी रिपोर्ट में ये भी कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी, कारोबारी गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने में अहम भूमिका है।

अमेरिका के मीडिया संस्थान सीएनएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी सरकार ने बंदरगाहों, एयरपोर्ट, सड़क और रेलवे पर अरबों रुपए खर्च किए हैं और इससे बुनियादी ढांचे में बदलाव आ रहा है। सीएनएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में डिजिटल कनेक्टिविटी को भी लगातार बढ़ावा मिल रहा है। इससे कारोबार और लोगों के आम जीवन में सुधार होने की पूरी संभावना है।

सीएनएन के अनुसार डिजिटल क्रांति में मुकेश अंबानी और गौतम अडानी अहम सहयोगी बने हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मुकेश अंबानी के रिलायंस और अडानी ग्रुप ने स्वच्छ ऊर्जा, मीडिया, तकनीकी के क्षेत्र में कंपनियां स्थापित की हैं और हर एक की कीमत 200 बिलियन डॉलर से ज्यादा है।

सीएनएन की रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अगले कुछ साल में भारत कम से कम 6 फीसदी जीडीपी हासिल करने की हालत में है। अगर भारत को आर्थिक महाशक्ति बनना है, तो उसे 8 फीसदी की विकास दर हासिल करनी होगी। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2027 तक अमेरिका और चीन के बाद आर्थिक ताकत के तौर पर भारत तीसरे नंबर पर आ जाएगा।

2023 में भारत 3.7 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बना था। जबकि, 2014 में भारत 11वें स्थान पर था। पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया है कि अगर तीसरी बार केंद्र में उनकी सरकार बनती है, तो भारत को तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाएंगे। सीएनएन की रिपोर्ट मोदी के उसी दावे की एक तरह से पुष्टि करती दिखती है। हालांकि, अभी लोकसभा चुनाव हो रहे हैं और 4 जून की दोपहर तक ही पता चल सकेगा कि मोदी सरकार एक बार फिर केंद्र में बनती है या विपक्ष के गठबंधन को मौका मिलता है।