पश्चिम बंगाल में TMC में बगावत की आहट? शुभेंदु अधिकारी से मिले ऋतब्रत बनर्जी, मुलाकात ने मचाई हलचल

पश्चिम बंगाल में TMC में बगावत की आहट? शुभेंदु अधिकारी से मिले ऋतब्रत बनर्जी, मुलाकात ने मचाई हलचल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के अंदर का असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। शुक्रवार को दिल्ली के बंग भवन में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से TMC विधायक ऋतब्रत बनर्जी की मुलाकात ने सियासी गलियारों में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है। आम बंगाली नागरिक इस घटनाक्रम को इसलिए गौर से देख रहे हैं क्योंकि यह तय करेगा कि विपक्ष में बैठी तृणमूल कांग्रेस कितनी मजबूती से अपनी नई भूमिका निभा पाएगी या फिर अंदरूनी कलह उसकी ताकत को कमजोर कर देगी।

शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार दिल्ली आए थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी की। इसी दौरान पुराने बंग भवन में TMC के उलुबेरिया ईस्ट से विधायक ऋतब्रत बनर्जी उनसे मिले। दोनों के बीच शिष्टाचारपूर्ण बातचीत हुई। शुभेंदु ने उनके कंधे पर हाथ रखकर बात की, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।

ऋतब्रत बनर्जी ने मुलाकात की वजह बताई

मुलाकात के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने साफ किया कि उनकी मुलाकात अचानक हुई थी। उन्होंने बताया कि राज्यसभा सांसद के रूप में उनका कार्यकाल अप्रैल की शुरुआत में खत्म हो गया था। इसके बाद उन्हें 3 मई तक का सरकारी बंगला अलॉट किया गया था। चुनाव परिणाम 4 मई को आए, जिसके कारण वे दिल्ली नहीं आ सके थे।

नियमों के मुताबिक बंगला खाली न करने पर अतिरिक्त किराया देना पड़ता है। ऋतब्रत इसी किराए का भुगतान करने दिल्ली गए थे। साथ ही उन्होंने अपना डिप्लोमैटिक पासपोर्ट जमा करके सामान्य पासपोर्ट लेना भी था। क्योंकि अब वे विधायक हैं और डिप्लोमैटिक पासपोर्ट केवल सांसदों को मिलता है। सारे काम निपटाने के बाद वे लंच के लिए बंग भवन गए, जहां उनकी शुभेंदु अधिकारी से भेंट हो गई।

शुभेंदु का निमंत्रण और ऋतब्रत का जवाब

बंग भवन के सूत्रों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें “MLA साहब” कहकर संबोधित किया। दोनों के बीच हल्की-फुल्की बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उलुबेरिया ईस्ट क्षेत्र के विधायक के रूप में यदि ऋतब्रत सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होते हैं तो यह सकारात्मक संदेश जाएगा।

ऋतब्रत बनर्जी ने जवाब दिया, “मैं पार्टी के प्रति वफादार हूं। पार्टी जो कहेगी, वही करूंगा।” हालांकि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कहा कि मुख्यमंत्री का यह रवैया सकारात्मक और फायदेमंद है। ऐसा ही होना चाहिए।

TMC में बढ़ी अटकलें, क्या है आगे का सियासी समीकरण?

चुनाव हार के बाद ऋतब्रत बनर्जी पार्टी की लीडरशिप के कुछ फैसलों पर खुलकर सवाल उठा चुके हैं। उनकी शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात ने पार्टी के अंदर नई अटकलों को जन्म दे दिया है। कई नेता इसे TMC में आंतरिक असंतोष का संकेत मान रहे हैं।

आम पाठक के नजरिए से देखें तो यह घटना पश्चिम बंगाल की राजनीति को प्रभावित करेगी। जब सत्तारूढ़ दल की हार के बाद विपक्षी दल में ही फूट पड़ती दिखे तो विकास कार्यों और जनसमस्याओं पर ध्यान कम हो जाता है। जनता चाहती है कि नेता अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राज्य के विकास पर काम करें।

यह मुलाकात चाहे शिष्टाचार की रही हो, लेकिन इसका राजनीतिक महत्व कम नहीं है। आने वाले दिनों में TMC की रणनीति और अंदरूनी समीकरण कैसे बदलते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।