INDIA गठबंधन की बैठक पर BJP का हमला: “अस्तित्व ही खत्म, आपस में लड़ाई जारी”

INDIA गठबंधन की बैठक पर BJP का हमला: “अस्तित्व ही खत्म, आपस में लड़ाई जारी”

INDIA गठबंधन की 8 जून को दिल्ली में होने वाली बैठक को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। इस बैठक से पहले भाजपा नेताओं ने एक के बाद एक तीखे हमले बोले हैं। सांसद निशिकांत दुबे, शाहनवाज पूनावाला समेत कई प्रमुख नेताओं ने गठबंधन की एकता पर सवाल उठाए हैं।

यह विवाद उन करोड़ों मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है जो स्थिर और सकारात्मक राजनीति की उम्मीद रखते हैं। गठबंधनों में दरारें आम आदमी के विकास कार्यों और सरकारी स्थिरता को प्रभावित करती हैं।

“INDI गठबंधन का कोई अस्तित्व नहीं”: निशिकांत दुबे

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने साफ कहा कि अब INDI गठबंधन में कौन बचा है, यह समझना मुश्किल है। उन्होंने रांची का हवाला देते हुए बताया कि JMM कह रही है कि वह दूसरा उम्मीदवार उतारेगी। DMK अलग सीट पर चली गई है और तृणमूल कांग्रेस का तो कोई अता-पता ही नहीं है। दुबे के अनुसार इस गठबंधन का कोई अस्तित्व ही नहीं रह गया है।

शाहनवाज पूनावाला ने भी इसी लाइन पर हमला बोलते हुए कहा कि इस गठबंधन का कोई मकसद नहीं है, सिर्फ विभाजन है। राज्यसभा सीट को लेकर JMM और कांग्रेस के बीच झगड़ा चल रहा है। उन्होंने बताया कि NCP (SP) शायद बैठक में शामिल नहीं हो रही है। पूनावाला का तंज था कि यह गठबंधन सिर्फ कागजों पर है, हकीकत में कहीं नहीं दिखता।

TMC की हालत खराब, भगदड़ मची हुई है: BJP का आरोप

पश्चिम बंगाल की भाजपा नेता और मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि TMC की हालत बहुत खराब है। असली TMC ममता बनर्जी के हाथ से निकल चुकी है। वे फिर हंगामा करने दिल्ली जा रही हैं। DMK बैठक में शामिल नहीं हो रही है। देश की जनता ने INDIA गठबंधन को पूरी तरह नकार दिया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि गठबंधन में भगदड़ मची हुई है। इनमें आपसी समन्वय नहीं है, जबकि NDA पूरी तरह एकजुट है।

“रंगबाजों का रंगमंच”: केशव मौर्य और नकवी का तीखा तंज

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि INDI गठबंधन का भविष्य अंधकारमय है। चाहे वे बैठक करें या न करें, उनकी हार तय है क्योंकि वे जनहित के बजाय स्वार्थ में लगे हैं।

मुख्तार अब्बास नकवी ने इसे और आगे बढ़ाते हुए कहा कि INDIA गठबंधन अब रुष्ट राजनीतिक रंगबाजों का रंगमंच बनता जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी से लड़ने की बात करते हैं, लेकिन आपस में भिड़ने में इनका ज्यादा समय चला जाता है। नकवी ने इसे ‘जुगाड़ का जमघट’ करार दिया, जो जनादेश से कोसों दूर है।

विपक्षी एकता की चुनौती और आम जनता की उम्मीद

INDIA गठबंधन की यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब इसके कई घटक दलों के बीच सार्वजनिक मतभेद साफ दिख रहे हैं। भाजपा का कहना है कि जबकि उनकी तरफ NDA मजबूती से एकजुट है, विपक्षी गठबंधन में आपसी कलह उसे कमजोर कर रही है।

आम नागरिक अब देखना चाहते हैं कि क्या यह बैठक गठबंधन को नई दिशा दे पाएगी या फिर आंतरिक झगड़ों की एक और कड़ी साबित होगी। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अगर गठबंधन में एकता नहीं बनी तो आने वाले चुनावों और विधायी कामकाज पर इसका असर पड़ सकता है।

स्थिर और विकासोन्मुख राजनीति हर नागरिक की चाहत है। 8 जून की बैठक के नतीजे तय करेंगे कि INDIA गठबंधन कितना मजबूत और कितना एकजुट है।