‘क्या यही बीजेपी का राम राज्य है?’ छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर डिंपल यादव का सरकार पर हमला

‘क्या यही बीजेपी का राम राज्य है?’ छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर डिंपल यादव का सरकार पर हमला

दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी (SP) की सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने भाजपा के ‘राम राज्य’ के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि छात्रों की पिटाई होती है और छात्राओं के साथ कथित बदसलूकी होती है, तो ऐसे हालात पर जवाब दिया जाना चाहिए। डिंपल यादव ने NEET पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा मामले और छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में चर्चा की मांग भी दोहराई।

डिंपल यादव ने क्या कहा?

मीडिया से बातचीत में डिंपल यादव ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि संसद में छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो, लेकिन सरकार इस पर तैयार नहीं दिख रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया और छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार हुआ। इन्हीं आरोपों का हवाला देते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या यही भाजपा का “राम राज्य” है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की।

इन आरोपों पर सरकार की ओर से अलग पक्ष भी सामने आया है। सरकार और पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।

प्रियंका गांधी ने भी छात्रों का किया समर्थन

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं और उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

प्रियंका गांधी ने कहा कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय हैं। उन्होंने शिक्षा बजट और सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए तथा कहा कि छात्रों के मुद्दों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।

दीपेंद्र हुड्डा बोले- आंदोलन जारी रहेगा

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा की मांग पूरी नहीं होती, तब तक विपक्ष का विरोध जारी रहेगा।

विपक्षी दलों का कहना है कि छात्रों की मांगों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

संसद परिसर में काले कपड़ों में प्रदर्शन

बुधवार को विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए।

विपक्ष ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की आलोचना की। वहीं सरकार और पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए थे। इन घटनाओं को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।