खान सर की कोचिंग पर फायर सेफ्टी की छापेमारी: उल्लंघन मिले, सीलिंग के संकेत

खान सर की कोचिंग पर फायर सेफ्टी की छापेमारी: उल्लंघन मिले, सीलिंग के संकेत

बिहार के मशहूर शिक्षक खान सर की मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ती जा रही हैं। कोचिंग संस्थान में हुई फायरिंग और हिंसा के मामले में सरेंडर करने के बाद अब फायर सेफ्टी विभाग की टीम खान ग्लोबल स्टडीज पहुंच गई है। अधिकारी वहां सुरक्षा मानकों की जांच कर रहे हैं। आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरणों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की पड़ताल हो रही है।

यह जांच उन हजारों छात्रों और अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बन गई है, जो इस कोचिंग पर भरोसा करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। एक तरफ कानूनी कार्रवाई चल रही है, तो दूसरी तरफ संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

जांच में मिली कई खामियां, सीलिंग की आशंका

जांच टीम को कोचिंग भवन में फायर सेफ्टी से जुड़ी कई कमियां मिली हैं। फायर विभाग के अधिकारी पहले ही कार्रवाई के संकेत दे चुके थे। आज की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कड़ी कार्रवाई हो सकती है। फायर आईजी ने कोचिंग को सील करने के संकेत भी दिए थे।

ऐसी घटनाएं सिर्फ एक संस्थान की समस्या नहीं हैं, बल्कि पूरे बिहार के कोचिंग उद्योग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती हैं। छात्रों की सुरक्षा और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर संस्थान की जिम्मेदारी है। अगर बड़े पैमाने पर उल्लंघन पाए गए तो छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो सकती है।

गार्ड्स का बयान: ‘खान सर के आदेश पर चलाई गोली’

पुलिस जांच के दौरान कोचिंग के सुरक्षा गार्ड्स ने महत्वपूर्ण खुलासा किया। उन्होंने बताया कि भीड़ द्वारा एक गार्ड के साथ मारपीट किए जाने के बाद खान सर के सीधे आदेश पर उन्होंने गोलियां चलाईं। गार्ड्स का दावा है कि खान सर ने उन्हें आश्वासन दिया था कि इसकी जिम्मेदारी वे खुद संभाल लेंगे।

इसी बयान के आधार पर खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। सहायक उप-निरीक्षक अनिल कुमार के बयान पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 और आर्म्स एक्ट की धाराएं 25, 27 तथा 35 लगाई गई हैं। गार्ड्स ने माना कि उन्होंने खान सर के कहने पर दो-दो राउंड फायरिंग की थी।

यह खुलासा मामले को और गंभीर बनाता है। पहले फायरिंग और तोड़फोड़ की घटना, फिर खान सर का सरेंडर और अब फायर सेफ्टी की जांच। पूरी घटना बिहार के कोचिंग संस्थानों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा लापरवाही की ओर इशारा करती है।

छात्रों के भविष्य पर मंडराता साया

कोचिंग उद्योग बिहार में युवाओं के सपनों का आधार है। ऐसी घटनाएं न सिर्फ पढ़ाई के माहौल को बिगाड़ती हैं, बल्कि अभिभावकों में भय भी पैदा करती हैं। क्या संस्थानों में सुरक्षा मानक सख्ती से लागू किए जाएंगे? क्या छात्र बिना किसी डर के अपनी तैयारी जारी रख पाएंगे?

पुलिस और प्रशासन इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं। फायर विभाग की रिपोर्ट आने के बाद कोचिंग की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। खान सर पर लगे आरोपों की अदालत में सुनवाई होगी और सच्चाई सामने आएगी।

इस बीच, बिहार सरकार और संबंधित विभागों को कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी, सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की जरूरत है। आम छात्र सिर्फ अच्छी पढ़ाई चाहते हैं, न कि ऐसी घटनाओं का शिकार बनना।