अखिलेश की बेटी पर टिप्पणी विवाद पर बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- ‘बेटियों के सम्मान पर राजनीति नहीं होनी चाहिए’

अखिलेश की बेटी पर टिप्पणी विवाद पर बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- ‘बेटियों के सम्मान पर राजनीति नहीं होनी चाहिए’

अखिलेश यादव की बेटी को लेकर सोशल मीडिया पर हुई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का मामला अब राजनीतिक दायरे से निकलकर धार्मिक और सामाजिक विमर्श का विषय बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ पहुंचे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए बेटियों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।

उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक या अभद्र टिप्पणी स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। समाज में महिलाओं और बेटियों के प्रति सम्मान की भावना बनी रहनी चाहिए और इस तरह के मामलों को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।

बेटियों के सम्मान पर दिया स्पष्ट संदेश

अलीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि बेटियां पूरे समाज की धरोहर होती हैं। किसी भी परिवार की बेटी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जुड़े लोगों को अपनी भाषा और व्यवहार को लेकर अधिक जिम्मेदार होना चाहिए। सोशल मीडिया के दौर में भी मर्यादा और संवेदनशीलता बनाए रखना आवश्यक है।

विवाद के बीच योगी सरकार का एक्शन चर्चा में

यह मामला उस समय और चर्चा में आया जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सार्वजनिक मंच से अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ की गई टिप्पणियों की आलोचना की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि “बेटी, बेटी होती है” और किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।

सीएम योगी ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद उन्होंने तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन्होंने राजनीतिक दलों से भी अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भाषा पर नियंत्रण रखने की अपील की।

गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग भी दोहराई

अलीगढ़ दौरे के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने एक बार फिर केंद्र सरकार से गौमाता को “राष्ट्रमाता” का दर्जा देने की मांग दोहराई।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय का विशेष महत्व है और देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उनके अनुसार यह केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक संरक्षण का भी मुद्दा है।

सामाजिक मर्यादा पर बढ़ी बहस

अखिलेश यादव की बेटी को लेकर हुए विवाद ने सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की मर्यादा, राजनीतिक संवाद और महिलाओं के सम्मान को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और धार्मिक नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बीच यह संदेश लगातार सामने आ रहा है कि राजनीतिक मतभेद चाहे जितने हों, परिवार और विशेष रूप से बेटियों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।