उत्तर प्रदेश की लाखों छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार जल्द ही छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू करने जा रही है। लंबे समय से चर्चा में रही इस योजना को अब जमीन पर उतारने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से पात्र छात्राओं का डाटा मांगना शुरू कर दिया है। डाटा मिलते ही चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और पहले चरण में हजारों छात्राओं को स्कूटी वितरित की जाएगी।
सरकार का मानना है कि यह योजना केवल एक प्रोत्साहन कार्यक्रम नहीं है, बल्कि छात्राओं को उच्च शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सुरक्षित आवागमन से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत मिलेगा लाभ
योगी सरकार ने इस योजना का नाम “रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना” रखा है। योजना का उद्देश्य मेधावी छात्राओं को सम्मानित करने के साथ-साथ उनकी शिक्षा को आसान बनाना है।
इसके लिए सरकार ने बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। शुरुआती चरण में करीब 45 हजार छात्राओं को स्कूटी मिलने की संभावना है।
योजना का लाभ राज्य विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई कर रही छात्राओं को दिया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने संस्थानों से योग्य छात्राओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
किन छात्राओं को मिलेगी मुफ्त स्कूटी?
योजना के लिए कुछ महत्वपूर्ण पात्रता शर्तें तय की गई हैं। सबसे अहम शर्त परिवार की आय से जुड़ी है।
सरकार के अनुसार, जिन छात्राओं के परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम होगी, वे योजना के लिए पात्र मानी जाएंगी। इसके अलावा शैक्षणिक प्रदर्शन भी चयन का प्रमुख आधार होगा।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से 80 प्रतिशत, 85 प्रतिशत और 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं का डाटा मांगा गया है। इसी आधार पर पहले चरण के लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
पेट्रोल स्कूटी मिलेगी, ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया
योजना को लेकर एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सरकार छात्राओं को इलेक्ट्रिक नहीं बल्कि पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी उपलब्ध कराएगी।
अधिकारियों के अनुसार, शासन की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद आवेदन और चयन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और पात्र छात्राओं को बिना किसी परेशानी के लाभ मिल सकेगा।
उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि डिजिटल प्रक्रिया से चयन में निष्पक्षता सुनिश्चित होगी और योजना का लाभ सही पात्र छात्राओं तक पहुंचेगा।
शिक्षा के साथ सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में वर्तमान समय में करीब 9 लाख छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसी छात्राओं की भी है जिन्हें कॉलेज आने-जाने में परिवहन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सरकार का मानना है कि स्कूटी मिलने से छात्राओं की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और उन्हें पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी। खासतौर पर ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों की छात्राओं के लिए यह योजना काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
योजना का उद्देश्य केवल मेधावी छात्राओं को सम्मानित करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना भी है।
यूनिफॉर्म व्यवस्था पर भी सरकार की नजर
इसी दौरान उच्च शिक्षा मंत्री ने कॉलेजों में यूनिफॉर्म व्यवस्था पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के लगभग 75 प्रतिशत महाविद्यालयों में पहले से यूनिफॉर्म का उपयोग हो रहा है।
सरकार इस संबंध में डाटा का अध्ययन कर रही है और भविष्य में शेष संस्थानों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। उनका कहना है कि यूनिफॉर्म व्यवस्था से अनुशासन और समानता को बढ़ावा मिलता है।
फिलहाल छात्राओं की नजर रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना पर टिकी हुई है। यदि प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है तो जल्द ही हजारों बेटियों को सरकार की ओर से यह बड़ी सौगात मिलने जा रही है।



