जन्मदिन पर अखिलेश यादव का BJP पर हमला, PDA का बताया नया मतलब; राम मंदिर चढ़ावा मामले पर उठाए सवाल

जन्मदिन पर अखिलेश यादव का BJP पर हमला, PDA का बताया नया मतलब; राम मंदिर चढ़ावा मामले पर उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने पीडीए (PDA) का नया अर्थ ‘प्रेम, दया और अपनापन’ बताते हुए कहा कि देश में हिंदुस्तानियत, गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना ही उनका उद्देश्य है।

अखिलेश यादव ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरफेर के मामले का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आस्था और श्रद्धा से जुड़े मुद्दों पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम सभी के हैं और उनका सम्मान हर सनातनी करता है, लेकिन भाजपा राम के नाम पर केवल राजनीति करती है।

सपा प्रमुख ने दावा किया कि यदि राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो तो कई तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है और मीडिया भी लगातार सवाल उठा रही है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के लिए “नेशन नहीं, डोनेशन फर्स्ट” है।

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और कोचिंग संस्थानों पर भी सरकार को घेरा। उनका कहना था कि लगातार पेपर लीक होने से गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और शिक्षा व्यवस्था कमजोर होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आलोचना करने वालों पर कार्रवाई करती है।

अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य सेवाओं, प्राथमिक विद्यालयों और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि तहसीलों और थानों की स्थिति जनता के सामने है तथा सरकार जनहित के मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने दावा किया कि यदि समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो अयोध्या के विकास के साथ सभी आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में चल रही बुलडोजर कार्रवाई पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा की ऐसी कार्रवाइयों के पीछे राजनीतिक उद्देश्य होता है।

नोट: इस खबर में शामिल भाजपा पर लगाए गए आरोप अखिलेश यादव के सार्वजनिक बयान हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया अलग से उपलब्ध नहीं है।