उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही और भाजपा के ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन के बीच हुए विवाद का मामला अभी शांत होता नहीं दिख रहा है। जालौन में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (एसडीएम) का प्रभार हटाकर रिंकू सिंह राही का तबादला उरई किए जाने के बावजूद ब्लॉक प्रमुख ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग दोहराई है।
जिलाधिकारी डॉ. राजेश कुमार पांडेय के निर्देश पर ब्लॉक प्रमुख की शिकायत की जांच शुरू होने के बाद मंगलवार को रिंकू सिंह राही से जालौन एसडीएम का चार्ज वापस ले लिया गया। उनके स्थान पर उपजिलाधिकारी राकेश कुमार सोनी को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भाजपा के ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा अब तक की गई कार्रवाई से वह संतुष्ट हैं, लेकिन मामले की जांच पूरी होने के बाद वह रिंकू सिंह राही के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर कायम रहेंगे।
यह विवाद बेतवा आइस एंड कोल्ड स्टोरेज के निरीक्षण के दौरान हुआ था। इस दौरान रिंकू सिंह राही और ब्लॉक प्रमुख के बीच कहासुनी हुई थी। बाद में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें रिंकू सिंह राही कथित तौर पर ब्लॉक प्रमुख को धक्का देते दिखाई दिए। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी और अगले ही दिन उनका तबादला कर दिया गया।
रिंकू सिंह राही इससे पहले भी कई कारणों से चर्चा में रहे हैं। आईएएस बनने से पहले वह मुजफ्फरनगर में समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात थे, जहां उन्होंने कथित तौर पर करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा किया था। इसके बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उन्हें कई गोलियां लगी थीं और उनकी एक आंख की रोशनी चली गई थी।
वर्ष 2026 में उन्होंने आईएएस सेवा से तकनीकी इस्तीफा दिया था, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। अब जालौन में हुए ताजा विवाद के बाद एक बार फिर वह सुर्खियों में हैं।
नोट: ब्लॉक प्रमुख द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच प्रशासन स्तर पर जारी है। मामले में किसी भी प्रकार की कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही होगा।




