अयोध्या के श्रीराम मंदिर की दान-पेटी से जुड़े कथित चोरी के मामले की जांच अब अहम चरण में पहुंच गई है। कोर्ट से पुलिस को दो आरोपियों की 14 घंटे की कस्टडी रिमांड मिलने के बाद जांच एजेंसियां मामले की परतें खोलने की तैयारी में हैं। बुधवार सुबह से शुरू होने वाली पूछताछ में पुलिस का मुख्य फोकस दान-पेटी की चाबी, कथित लेनदेन की प्रक्रिया और पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका को समझना होगा। इस बीच पुलिस की नजर मुख्य आरोपी बताए जा रहे रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव पर भी बनी हुई है। हालांकि, जांच अभी जारी है और किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोप अदालत में सिद्ध होना बाकी है।
14 घंटे की रिमांड में किन सवालों के जवाब तलाशेगी पुलिस?
अदालत से कस्टडी रिमांड मिलने के बाद अयोध्या पुलिस बुधवार सुबह 6 बजे से रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव से पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी यह जानने की कोशिश करेगी कि दान-पेटी की चाबी तक किसकी पहुंच थी, सुरक्षा व्यवस्था कैसे संचालित होती थी और कथित घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका रही।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर भी सवाल किए जा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें उन स्थानों पर भी ले जाया जा सकता है, जहां से जांच से जुड़े अहम सुराग मिलने की संभावना है।
अब टिन्नू यादव और मनीष यादव की कस्टडी पर नजर
रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव से पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस मुख्य आरोपी बताए जा रहे रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव की कस्टडी रिमांड मांगने की तैयारी में है।
जांच एजेंसी का मानना है कि दान-पेटी की चाबी और कथित घटनाक्रम से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य इन दोनों से पूछताछ के बाद स्पष्ट हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय अदालत ही करेगी।
SBI कर्मचारियों और अन्य लोगों के बयान भी होंगे अहम
जांच केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। पुलिस इस मामले में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से जुड़े संबंधित कर्मचारियों और ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा के बयान भी दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
जांच एजेंसियों का उद्देश्य पूरे घटनाक्रम की कड़ी-दर-कड़ी पड़ताल करना है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित अनियमितता कैसे हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका थी। मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि साक्ष्यों और बयानों के आधार पर की जाएगी।
जांच जारी, अदालत में साक्ष्यों की होगी परीक्षा
इस मामले में पुलिस पहले भी कुछ आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी अभियान चला चुकी है। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल यह मामला जांच के चरण में है। पुलिस पूछताछ, फोरेंसिक साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। किसी भी आरोपी की कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
ध्यान देने योग्य बात: कुछ रिपोर्टों में पूछताछ को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं, लेकिन पुलिस या अदालत की ओर से किसी भी प्रकार की अवैध या बलपूर्वक पूछताछ की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए जांच से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि न्यायिक और पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर ही होगी।

