सरकार से बातचीत को तैयार CJP, लेकिन रखी नई शर्त; कहा- ‘हम नहीं आएंगे, वार्ता के लिए आप जंतर-मंतर आइए’

सरकार से बातचीत को तैयार CJP, लेकिन रखी नई शर्त; कहा- ‘हम नहीं आएंगे, वार्ता के लिए आप जंतर-मंतर आइए’

NEET पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के साथ बातचीत को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। संगठन का कहना है कि वह वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन बातचीत सरकार के दफ्तर में नहीं होगी। CJP ने मांग की है कि सरकार के प्रतिनिधि जंतर-मंतर आएं या फिर किसी तटस्थ स्थान पर बातचीत की जाए। दूसरी ओर, सरकारी सूत्रों का कहना है कि यदि प्रदर्शनकारी बातचीत के लिए आते हैं तो सरकार भी चर्चा के लिए तैयार है।

CJP ने रखी वार्ता की शर्त

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में समाधान चाहती है तो उसे पहल करनी चाहिए। उनके मुताबिक, सरकार को अपना “अहंकार” छोड़कर प्रदर्शन स्थल पर आना चाहिए। वहीं, संगठन के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि CJP का प्रतिनिधिमंडल सरकार के कार्यालय या किसी नेता के आवास पर नहीं जाएगा। उनका कहना है कि बातचीत जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान (Neutral Venue) पर ही हो सकती है। उन्होंने यह भी दोहराया कि संगठन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटेगा।

सरकार का क्या कहना है?

सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन उसका कहना है कि प्रदर्शनकारियों को वार्ता के लिए आगे आना होगा। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच दूसरे दौर की बातचीत की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, बैठक कब और कहां होगी, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

CJP ने लगाए गंभीर आरोप

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया, लेकिन वे सरकार के कार्यालय या आवास पर नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार गंभीर है तो उसे लोगों के बीच आकर अपनी बात रखनी चाहिए। वहीं, अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि संगठन के प्रतिनिधियों को बातचीत के दौरान कई घंटे तक रोके रखा गया और उनके मोबाइल फोन भी अपने पास रख लिए गए। उन्होंने इसे “हाउस अरेस्ट” जैसी स्थिति बताया। इन आरोपों पर केंद्र सरकार की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

32वें दिन भी जारी है आंदोलन

CJP का प्रदर्शन जंतर-मंतर पर लगातार जारी है। संगठन NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में सुधार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है। सोमवार को संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए थे। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की पुष्टि की थी, जबकि प्रदर्शनकारी पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगा रहे हैं।

फिलहाल, आंदोलन जारी है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर घटनाक्रम के लिए जिम्मेदारी तय कर रहे हैं। ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार और CJP के बीच प्रस्तावित बातचीत होती है या नहीं और यदि होती है तो उसका क्या परिणाम निकलता है।