E20 पेट्रोल को लेकर देश में चल रही बहस के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। शनिवार (1 अगस्त) को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित ‘ई20 के खिलाफ राष्ट्रीय टाउन हॉल’ कार्यक्रम में उन्होंने दावा किया कि E20 पेट्रोल को पर्याप्त वैज्ञानिक अध्ययन के बिना लागू किया गया है। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि जब बड़ी संख्या में वाहन मालिक माइलेज और इंजन से जुड़ी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं, तो सरकार अपनी स्टडी और रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं करती।
E20 पेट्रोल पर सरकार से सीधे सवाल, ‘रिपोर्ट दिखाइए’ की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार के अलग-अलग बयानों से लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उनके मुताबिक, कभी E20 को पूरी तरह सुरक्षित बताया जाता है तो कभी अलग तरह की बातें सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास इस ईंधन को लेकर कोई वैज्ञानिक अध्ययन या विस्तृत रिपोर्ट है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि आम लोग भी उसके निष्कर्षों को समझ सकें।
केजरीवाल ने यह भी कहा कि यदि किसी नई व्यवस्था को पूरे देश में लागू किया जा रहा है, तो उससे पहले पारदर्शिता जरूरी है। उनका कहना था कि केवल सरकारी दावों के आधार पर लोगों की शंकाओं को खत्म नहीं किया जा सकता।
माइलेज और इंजन को लेकर उठाए सवाल, सर्वे का किया जिक्र
AAP प्रमुख ने दावा किया कि एक संस्था द्वारा किए गए सर्वे में कई वाहन मालिकों ने E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद परेशानी की बात कही है। उनके अनुसार, सर्वे में 67 प्रतिशत लोगों ने माइलेज घटने की शिकायत की, जबकि 45 प्रतिशत लोगों ने इंजन पर असर पड़ने की बात कही।
उन्होंने सवाल किया कि यदि इतनी बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्या बता रहे हैं, तो उनकी चिंताओं को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है। केजरीवाल ने कहा कि सरकार को अपनी आधिकारिक स्टडी सामने रखनी चाहिए ताकि दोनों पक्षों की बात तथ्यों के आधार पर समझी जा सके।
‘सवाल पूछने वालों को डराया जा रहा है’
कार्यक्रम के दौरान अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि E20 पेट्रोल को लेकर सवाल उठाने वालों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के कुछ मंत्री इसे पूरी तरह सुरक्षित बताते हैं और विरोध करने वालों को “एंटी नेशनल” तक कहा जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में सवाल उठाने वालों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज कराई जाती है।
केजरीवाल ने कहा कि यदि सरकार को अपने फैसले पर पूरा भरोसा है, तो उसे खुली बहस से पीछे नहीं हटना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी भी नीति को लागू करने से पहले लोगों की शंकाओं का जवाब देना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।
29 वाहन कंपनियों को भेजे पत्र, दो अहम सवाल पूछे
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने देश की 29 वाहन कंपनियों को पत्र भेजकर दो महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं। पहला, क्या वर्ष 2023 से पहले बने वाहनों में E20 पेट्रोल का सुरक्षित इस्तेमाल किया जा सकता है? दूसरा, यदि E20 के इस्तेमाल से माइलेज कम होता है या इंजन को नुकसान पहुंचता है, तो क्या संबंधित वाहन कंपनियां इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं?
उन्होंने कहा कि इन सवालों के जवाब आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल उनकी मांग है कि सरकार इस पूरे मामले में पारदर्शिता अपनाए और E20 पेट्रोल को लेकर उपलब्ध सभी वैज्ञानिक अध्ययन और रिपोर्ट सार्वजनिक करे, ताकि वाहन मालिक तथ्यों के आधार पर अपनी राय बना सकें।


