घर की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी से भिड़े CJP प्रमुख अभिजीत दिपके, बोले- ‘मेरे घर में कौन आएगा, ये पुलिस तय नहीं करेगी’

घर की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी से भिड़े CJP प्रमुख अभिजीत दिपके, बोले- ‘मेरे घर में कौन आएगा, ये पुलिस तय नहीं करेगी’

छत्रपति संभाजीनगर में Cockroach Janta Party (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके और उनके घर की सुरक्षा में तैनात एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर के बीच विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। दिपके ने आरोप लगाया कि सुरक्षा में तैनात PSI लोगों को उनसे मिलने से रोक रहे थे और घर में आने-जाने वालों पर नजर रख रहे थे। मामला बढ़ने के बाद दिपके ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से फोन पर बात की और संबंधित पुलिसकर्मी को सुरक्षा ड्यूटी से हटाने की मांग कर दी।

दिपके को धमकियों के बाद सुरक्षा मुहैया कराई गई है। उनके घर पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। लेकिन अब यही सुरक्षा व्यवस्था उनके और पुलिस के बीच विवाद की वजह बन गई है। दिपके ने यह भी दावा किया कि सादे कपड़ों में CID के कुछ कर्मचारी उनके घर के आसपास घूम रहे थे और वहां की गतिविधियों की जानकारी एक सोशल मीडिया ग्रुप में भेज रहे थे।

‘मेरे घर में किससे मिलना है, ये पुलिस तय नहीं करेगी’

शुक्रवार को सामने आए दो वीडियो में दिपके को एक पुलिसकर्मी से बहस करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में वह PSI को लोगों से कथित तौर पर रूखे व्यवहार को लेकर फटकार लगाते सुनाई देते हैं।

दिपके ने सवाल उठाया कि अगर वह खुद किसी व्यक्ति को अपने घर बुला रहे हैं, तो उसे अंदर आने से रोकने की जरूरत क्या है। उन्होंने पुलिसकर्मी से कहा कि उनके घर में किससे मिलना है और किससे नहीं, इसका फैसला पुलिस नहीं कर सकती।

वीडियो में दिपके ने कथित तौर पर पुलिसकर्मी से यह भी कहा कि वह ‘दिल्ली पुलिस की तरह’ व्यवहार न करें। उन्होंने PSI से घर से बाहर जाने को कहा और स्पष्ट किया कि वह उन्हें अपनी सुरक्षा टीम में नहीं चाहते।

दिपके ने पुलिसकर्मी की पहचान केवल ‘सुरेश’ नाम के PSI के तौर पर की। उनका आरोप है कि वह उनसे मिलने आने वाले लोगों के साथ ठीक व्यवहार नहीं कर रहे थे और उन्हें घर से बाहर जाने के लिए कह रहे थे।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से फोन पर की शिकायत

विवाद के बाद दिपके ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को फोन किया। बातचीत के दौरान उन्होंने शिकायत की कि सुरेश नाम का PSI उनके घर आने वाले लोगों के साथ कथित तौर पर रूखा व्यवहार कर रहा है। दिपके ने सवाल किया कि क्या ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारी से कहा कि उन्हें संबंधित पुलिसकर्मी की जरूरत नहीं है और उसे वहां से हटाया जाए।

यह पूरा घटनाक्रम सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के कारण चर्चा में है। वीडियो में दिपके की पुलिसकर्मी से बातचीत और वरिष्ठ अधिकारी से की गई शिकायत सुनाई देती है। हालांकि, इन वीडियो के आधार पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

CID की मौजूदगी और ‘Hit Spray’ ग्रुप का भी दावा

मामला सिर्फ सुरक्षा में तैनात PSI तक सीमित नहीं रहा। दिपके ने अपने घर के आसपास सादे कपड़ों में CID कर्मियों की मौजूदगी का भी दावा किया। उनके मुताबिक, एक रिपोर्टर ने उन्हें बताया कि कुछ लोग उनके घर के आसपास दिखाई दिए थे। पुलिस ने जब उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की तो उन्होंने खुद को CID का कर्मचारी बताया।

दिपके ने आगे दावा किया कि एक CID कर्मचारी के मोबाइल फोन पर WhatsApp का एक ग्रुप खुला हुआ था, जिसका नाम ‘Hit Spray’ था। उनका कहना है कि रिपोर्टर के मुताबिक, इस ग्रुप के जरिए उनके घर के आसपास से रिपोर्ट भेजी जा रही थी। हालांकि, यह दावा भी फिलहाल अभिजीत दिपके के आरोप के रूप में ही सामने आया है। पुलिस या CID की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

पुलिस का जवाब सामने नहीं आया, अब विवाद पर नजर

दिपके की शिकायत और आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है। वालुज MIDC क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालने वाले DCP पंकज अतुलकर से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

पूरे विवाद को देखने पर मूल सवाल सुरक्षा व्यवस्था और निजी मुलाकातों के बीच संतुलन का है। किसी व्यक्ति को सुरक्षा दिए जाने का मकसद उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है, लेकिन उसी दौरान घर पर आने-जाने वाले लोगों को लेकर क्या नियम लागू होते हैं, यह भी महत्वपूर्ण सवाल बन जाता है।

दिपके का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर उन्हें यह नहीं बताया जा सकता कि वह किससे मिलें और किससे नहीं। दूसरी ओर, पुलिस की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात PSI ने आगंतुकों को रोकने के लिए क्या निर्देश दिए थे या घटना की परिस्थितियां वास्तव में क्या थीं।

फिलहाल वायरल वीडियो, दिपके के आरोप और पुलिस की अनुपलब्ध प्रतिक्रिया ही इस विवाद के प्रमुख पहलू हैं। मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।