भारतीय क्रिकेट टीम इस समय मैदान पर जितनी बड़ी चुनौतियों से जूझ रही है, उससे कम मुश्किल हालात खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर नहीं हैं। टीम इंडिया के मौजूदा सेटअप और भविष्य की योजनाओं में शामिल 13 खिलाड़ी एक साथ बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे हैं। इनमें जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। श्रीलंका दौरे से पहले खिलाड़ियों की फिटनेस ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है।
बीसीसीआई की मेडिकल टीम इन खिलाड़ियों की रिकवरी पर काम कर रही है। किसी खिलाड़ी ने ट्रेनिंग शुरू कर दी है, तो कोई अभी शुरुआती रिहैब स्टेज में है। कुछ की वापसी की दिशा साफ दिख रही है, जबकि कुछ मामलों में अभी समय लगेगा।
बुमराह और हार्दिक की फिटनेस सबसे बड़ी चिंता
जसप्रीत बुमराह को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे से बाहर होने के बाद 30 जुलाई को CoE भेजा गया था। उनके बाएं घुटने में परेशानी है। इसी वजह से वह श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो चुके हैं। फिलहाल उनका फोकस स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग पर है और वापसी की कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई है।
हार्दिक पंड्या भी लगातार फिटनेस निगरानी में हैं। बाईं जांघ की क्वाड्रिसेप्स चोट के बाद उन्होंने स्किल से जुड़ी ट्रेनिंग में अच्छी प्रगति की थी। वह 80 से 90 फीसदी रफ्तार से सप्ताह में 12 से 15 ओवर तक गेंदबाजी कर रहे थे।
लेकिन इसी दौरान दाहिने शिन में दर्द की शिकायत सामने आई। जांच में कोई गंभीर समस्या नहीं मिली। एहतियात के तौर पर उनकी रनिंग कुछ समय के लिए रोकी गई थी, जिसे अब फिर शुरू कर दिया गया है।
नितिश कुमार रेड्डी भी बाईं जांघ की चोट से उबर रहे हैं। वह रिहैब से आगे बढ़कर ‘रिटर्न टू स्किल्स’ चरण में पहुंच चुके हैं। पिछले सप्ताह उन्होंने 16 ओवर गेंदबाजी की थी और अब ज्यादा गति से दौड़ने पर काम कर रहे हैं।
साई सुदर्शन ने भी बल्लेबाजी और फील्डिंग शुरू कर दी है। उन्होंने नेट्स में 75 मिनट बल्लेबाजी की और रनिंग भी की। हालांकि, चोटिल पैर के अंगूठे में अभी दर्द बना हुआ है। लंबे बल्लेबाजी और रनिंग सेशन के बाद MRI के जरिए उनकी आगे की स्थिति का आकलन किया जाएगा।
हैमस्ट्रिंग से लेकर घुटने तक, कई खिलाड़ी रिहैब में
हर्षित राणा दाहिनी हैमस्ट्रिंग की चोट से परेशान हैं। वह 20 जुलाई को CoE पहुंचे थे। उनकी रिकवरी रणनीति और बॉडी-वेट मैनेजमेंट में सुधार हुआ है। अब रिहैब के साथ स्किल-बेस्ड ट्रेनिंग भी शुरू की जा रही है।
वॉशिंगटन सुंदर भी दाहिनी हैमस्ट्रिंग की चोट से उबर रहे हैं। उन्होंने जॉगिंग शुरू कर दी है और कंडीशनिंग एक्सरसाइज कर रहे हैं। उनकी स्ट्रेंथ और बैलेंस में सुधार देखा गया है। आने वाले हफ्तों में उनका वर्कलोड धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा।
वरुण चक्रवर्ती की बाईं हैमस्ट्रिंग में चोट है। वह फिलहाल स्पॉट बॉलिंग में छह ओवर तक गेंदबाजी कर रहे हैं। अगले चरण में बल्लेबाजों के खिलाफ आठ ओवर गेंदबाजी कराने की योजना है। इसके बाद तेज रनिंग, दिशा बदलने और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग पर जोर दिया जाएगा।
आकाशदीप पीठ के निचले हिस्से में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण बाहर हुए थे। उनका ‘रिटर्न टू प्ले’ प्रोग्राम सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ रहा है और वह शुरुआती रिहैब से निकलकर वास्तविक क्रिकेट वर्कलोड की तरफ बढ़ चुके हैं।
मुंबई के तेज गेंदबाज हिमांशु सिंह दाएं घुटने की चोट से जूझ रहे हैं। उन्होंने 28 जुलाई से स्पॉट बॉलिंग शुरू की और किसी परेशानी की शिकायत नहीं की। अब उनका गेंदबाजी और ट्रेनिंग लोड धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा।
अशोक शर्मा का मामला सबसे गंभीर, दो फ्रैक्चर की पुष्टि
13 खिलाड़ियों में अशोक शर्मा की चोट सबसे गंभीर बताई जा रही है। 26 जुलाई को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 के बाद उन्हें पीठ के निचले हिस्से में तेज खिंचाव महसूस हुआ था।
इसके बाद MRI और CT स्कैन की तस्वीरें न्यूजीलैंड के स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. रोवन को भेजी गईं। जांच में L1 पार्स इंटरआर्टिकुलिस में एक्यूट स्ट्रेस फ्रैक्चर और बाईं 11वीं पसली में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है।
सुयश शर्मा भी लंबे समय से गेंदबाजी से दूर हैं। उनके दोनों घुटनों में पटेलर इंसर्शनल टेंडिनोपैथी पाई गई थी। शुरुआती उपचार से अपेक्षित फायदा नहीं मिलने के बाद 28 जुलाई को उन्हें PRP इंजेक्शन दिया गया। अब वह स्ट्रक्चर्ड रिहैब के जरिए घुटनों की मजबूती पर काम कर रहे हैं।
युधवीर सिंह के दाएं कंधे की परेशानी में सुधार है। वह पूरे शरीर की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के साथ कंधे की रिहैब एक्सरसाइज कर रहे हैं। हालांकि, उनकी वापसी में अभी वक्त लग सकता है।
रियान पराग भी दाएं कंधे की सर्जरी के बाद रिकवरी कर रहे हैं। उन्होंने स्ट्रक्चर्ड स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग प्रोग्राम शुरू कर दिया है। फिलहाल बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोबारा शुरू करने की कोई तय समयसीमा नहीं है।
13 खिलाड़ियों की फिटनेस से टीम इंडिया की राह पर असर
एक साथ इतने खिलाड़ियों का रिहैब में होना भारतीय टीम के लिए निश्चित तौर पर बड़ी चुनौती है। खासकर तब, जब इनमें बुमराह, हार्दिक, वॉशिंगटन, साई सुदर्शन और अन्य ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं जो मौजूदा टीम संयोजन या भविष्य की योजनाओं में अहम भूमिका रखते हैं।
फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि खिलाड़ियों की वापसी जल्दबाजी में न हो। चोट से लौटने के बाद खिलाड़ी पूरी तरह फिट और मैच के लिए तैयार हों, यही टीम की प्राथमिकता होगी।
बुमराह की वापसी की तारीख अभी तय नहीं है, जबकि हार्दिक और कुछ अन्य खिलाड़ियों ने ट्रेनिंग में वापसी की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। ऐसे में आने वाले हफ्ते टीम इंडिया के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। खिलाड़ियों की रिकवरी जितनी बेहतर होगी, उतना ही मजबूत विकल्प भारतीय टीम के पास मैदान पर लौटने के समय मौजूद होगा।




