‘मैंने पहले ही बता दिया था…’, कोर्ट के फैसले के बाद बृजभूषण का बड़ा दावा, बोले- ‘मेरे खिलाफ साजिश में 42 लोग थे’

‘मैंने पहले ही बता दिया था…’, कोर्ट के फैसले के बाद बृजभूषण का बड़ा दावा, बोले- ‘मेरे खिलाफ साजिश में 42 लोग थे’

महिला पहलवानों से जुड़े मामले में अदालत के फैसले के बाद पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर अपने पुराने दावों को सामने रखा है। उन्होंने कहा कि 12 जनवरी 2023 को उन्होंने इस पूरे विवाद को लेकर जो बातें कही थीं, अदालत के फैसले के बाद उन्हें लगता है कि वही बातें सामने आई हैं। बृजभूषण ने अपने खिलाफ राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया और दावा किया कि इसमें 42 लोग शामिल थे। हालांकि, ये उनके व्यक्तिगत दावे हैं और इन्हें अदालत द्वारा प्रमाणित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

कोर्ट के फैसले के बाद फिर चर्चा में बृजभूषण का पुराना दावा

अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह से जब उनके पुराने बयानों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने शुरुआत में ही इस विवाद के पीछे कुछ अलग कारण होने की बात कही थी। अब उन्हें लगता है कि मामले की सुनवाई के दौरान सामने आए बयानों और घटनाक्रम से उनकी उस समय की बातों को बल मिला है।

उन्होंने कहा कि महिला पहलवानों से जुड़े पूरे प्रकरण में एक परिवार और एक अखाड़े की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे थे। हालांकि, बृजभूषण ने यह भी स्पष्ट किया कि अदालत का फैसला किसी परिवार या किसी अखाड़े के खिलाफ नहीं है।

उनका कहना था कि इस पूरे मामले को केवल आरोपों और राजनीतिक बयानबाजी के नजरिए से नहीं, बल्कि अदालत में सामने आए रिकॉर्ड और बयानों के आधार पर समझना चाहिए।

महादेव रेसलिंग एकेडमी और बयानों का भी किया जिक्र

बृजभूषण ने हरियाणा की महादेव रेसलिंग एकेडमी का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इस एकेडमी को स्थापित करने और सहयोग देने वालों में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम सामने आता है। बृजभूषण का आरोप है कि राजनीतिक दबाव की वजह से महिला पहलवानों से जुड़ा मामला आगे बढ़ा।

हालांकि, उन्होंने खुद यह बात कही कि अदालत का फैसला किसी एक परिवार या अखाड़े के खिलाफ नहीं है। इसलिए इस हिस्से को उनके आरोप और राजनीतिक दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

बृजभूषण ने मामले से जुड़े दो महिला पहलवानों के चेंबर में जाकर कुछ बातें बताने का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, इन बातों को रिकॉर्ड किया गया था। उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान अलग-अलग पहलवानों के बयान सामने आए और अदालत में इन बयानों पर चर्चा हुई।

उन्होंने बजरंग पूनिया के बयान और ओवरसाइट कमेटी के सामने दिए गए कथित शपथपत्र का भी उल्लेख किया। बृजभूषण का दावा था कि अलग-अलग मौकों पर दिए गए बयानों में अंतर था। उन्होंने ओवरसाइट कमेटी की रिपोर्ट को लेकर सामने आई टिप्पणियों का भी जिक्र किया।

‘मैं घटना के समय वहां मौजूद नहीं था’

बृजभूषण शरण सिंह ने अपने बचाव में एक पुरानी बात फिर दोहराई। उनका कहना है कि जिस घटना को लेकर उन पर आरोप लगाए गए, उस समय वह संबंधित पहलवानों के साथ मौजूद नहीं थे।

उन्होंने कहा कि वह शुरुआत से ही यही बात कहते रहे हैं और मामले के दौरान सामने आए कुछ बयानों से उन्हें लगता है कि उनके इस दावे को समर्थन मिला है।

इसके साथ ही उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की कुछ घटनाओं को भी पूरे विवाद से जोड़कर देखा। बृजभूषण ने कहा कि उन्होंने चुनाव में दीपेंद्र हुड्डा को हराया था। उनके मुताबिक, उस समय हरियाणा के मुख्यमंत्री भी चुनाव मैदान में थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें जनता का समर्थन मिला।

पूर्व सांसद ने जूनियर पहलवानों को लेकर किए गए कुछ बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेना जरूरी करने और खिलाड़ियों को समान अवसर देने जैसे फैसलों से कुछ लोग नाराज हुए थे।

‘42 लोग शामिल थे’, बृजभूषण का सबसे बड़ा दावा

बृजभूषण शरण सिंह ने अपने खिलाफ कथित साजिश को लेकर सबसे बड़ा दावा 42 लोगों को लेकर किया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ बनाई गई कथित साजिश में 42 लोग शामिल थे। उनके अनुसार, इनमें कुछ बड़े और चर्चित नाम भी थे।

उन्होंने कुछ उद्योगपतियों पर भी इस पूरे मामले में पैसा खर्च करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि मीडिया बहसों और सार्वजनिक चर्चाओं के जरिए उनके खिलाफ माहौल बनाया गया और उन्हें बेहद गंभीर अपराध के आरोपी के रूप में पेश किया गया।

बृजभूषण ने विरोध प्रदर्शनों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी दल उनके खिलाफ हुए प्रदर्शनों में शामिल हुए। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का भी नाम लिया और दावा किया कि दोनों की ओर से इस मुद्दे पर कैंडल मार्च निकाला गया था।

उनके मुताबिक, पूरे घटनाक्रम ने ऐसा माहौल बना दिया था जिससे उन्हें लगा कि उन्हें देश के सबसे बड़े अपराधियों में से एक की तरह पेश किया जा रहा है।

विवाद का असर खिलाड़ियों और परिवारों पर भी

बृजभूषण ने इस पूरे विवाद के असर को महिला खिलाड़ियों और उनके परिवारों से भी जोड़ा। उनका कहना था कि जब देश की विश्व चैंपियन और ओलंपिक स्तर की खिलाड़ियों से जुड़ा विवाद इतना बड़ा रूप लेता है तो इसका असर दूसरे खिलाड़ियों और उनके परिवारों पर भी पड़ सकता है।

उन्होंने दावा किया कि इस विवाद से महिला पहलवानों की छवि और व्यापक खेल जगत को नुकसान पहुंचा। हालांकि, इस संबंध में भी उनके बयान को उनके नजरिए के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण का यह बयान इसलिए चर्चा में है क्योंकि उन्होंने करीब साढ़े तीन साल पुराने अपने दावों को फिर दोहराया है। उन्होंने अदालत में सामने आए बयानों और घटनाक्रम को अपने पक्ष के समर्थन के तौर पर पेश किया है। अब इस पूरे मामले को समझने के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार अदालत का वास्तविक आदेश और उसमें दर्ज निष्कर्ष हैं, न कि किसी एक पक्ष के राजनीतिक दावे।